श्रावण पूर्णिमा पर शुक्रवार को बाबा विश्वनाथ का सपरिवार काशीवासी झूले पर विराजमान कराकर झुलनोत्सव मनाएंगे। महंत आवास से पालकी से श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर बाबा की पंचबदन चल प्रतिमा जाएंगी। पूर्व संध्या पर बृहस्पतिवार को बाबा प्रतिमा का धेनुदुग्धम्: से अभिषेक कर हरियाली शृंगार हुआ। भक्तों ने दर्शन-पूजन किया।
श्रावण पूर्णिमा (रक्षाबंधन) पर बाबा की चल प्रतिमा का विश्वनाथ मंदिर में झुलनोत्सव मनाया जाएगा। पूर्व संध्या पर महंत आवास पर संयोजक पं. वाचस्पति तिवारी की अगुवाई में बाबा की चल प्रतिमा का विशेष हरियाली शृंगार कर पूजन हुआ। भगवान शिव परिवार की चल प्रतिमा का ब्रह्म मुहूर्त में पं. सुशील त्रिपाठी के आचार्यत्व में 11 वैदिक ब्राह्मणों ने शृंगार कर विधिवत पूजन-अर्चन किया। संजीव रत्न मिश्र ने बाबा का राजसी और हरियाली शृंगार किया। पं. वाचस्पति तिवारी ने बताया कि शुक्रवार को श्रावण पूर्णिमा पर बाबा की इस चल प्रतिमा का राजसी शृंगार के बाद शाम को टेढ़ीनीम से मंदिर डमरुओं के निनाद और भक्तों के उल्लास के बीच बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ धाम नगर भ्रमण करते हुए जाएंगे। मंदिर के गर्भगृह में परंपरागत रूप से झूले पर विराजमान कराकर बाबा का झुलनोत्सव मनाएगा। भक्त बाबा झूला झुलाएंगे। सप्तऋषि आरती के पहले बाबा गर्भगृह में विराजमान होकर शयन आरती तक दर्शन करेंगे।