कम वजन के होते हैं बच्चे, जन्मजात बीमारियों का खतरा : आईएमएस बीएचयू स्त्री रोग विभाग की प्रो. ममता का कहना है कि धूम्रपान करने वाली महिलाओं के होने वाले बच्चे की सेहत पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है। औसतन हर महीने 5 महिलाएं ओपीडी में काउंसिलिंग के दौरान पकड़ में आती हैं। यह भी जानना जरूरी है कि मां के धूम्रपान करने से कम वजन के बच्चे के होने के साथ ही बच्चे को जन्मजात अन्य बीमारियों के होने का भी खतरा रहता है।
मनोचिकित्सा विभाग में कुलपति ने किया सुविधाओं का शुभारंभ : विश्व तंबाकू निषेध दिवस की पूर्व संध्या पर बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने मनोचिकित्सा विभाग में कई सुविधाओं का शुभारंभ किया। क्वांटिटेटिव इलेक्ट्रोएन्सेफैलोग्राफी (क्यूईईजी), स्लीप लेबोरेटरी (पॉलीसोमनोग्राफी), इलेक्ट्रोकन्वल्सिव थेरेपी (ईसीटी), ट्रांसक्रैनियल डायरेक्ट करंट स्टिमुलेशन (टीडीसीएस), रिपीटेटिव ट्रांसक्रैनियल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन (आरटीएमएस), डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड शुरू किया।
आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने बताया कि क्यूईईजी सुविधा मस्तिष्कीय गतिविधियों के सही आकलन में सहायक होगी जबकि स्लीप लेबोरेटरी से नींद से संबंधित विकारों का समग्र मूल्यांकन होगा। ईसीटी सुविधा गंभीर मानसिक रोगों के लिए सुरक्षित और प्रमाण-आधारित उपचार उपलब्ध कराएगी।