सारनाथ स्थित केंद्रीय तिब्बती अध्ययन विश्वविद्यालय के छात्रावास में तिब्बत की आजादी के लिए 14 जुलाई को आत्मदाह की कोशिश करने वाले छात्र पेंजिम च्वींग (20) की शनिवार को दिल्ली में इलाज के दौरान मौत हो गई।
70 फीसदी से ज्यादा जले पूर्व मध्यमा (कक्षा 10) के छात्र पेंजिम का पहले वाराणसी में इलाज किया गया। बाद में हालत गंभीर होने पर उसे गुरुवार को एयर एंबुलेंस से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया था।
शनिवार शाम 4.50 बजे उसकी मौत हो गई। खबर मिलते ही विश्वविद्यालय में शोक की लहर दौड़ गई। अतिशा सभागार में कुलपति प्रो. गेसे नवांग समतेन की अध्यक्षता में शोकसभा हुई। मृत छात्र की आत्मा की शांति के लिए सभी ने प्रार्थना की। छात्रों के चेहरे पर दर्द साफ झलक रहा था।
छात्र अपने साथी की मौत की सूचना से दुखी थे। मूल रूप से कर्नाटक के चमराग नगर जिले के मैसूर तालुक का रहने वाला तिब्बती मूल का छात्र पेंजिम विश्वविद्यालय परिसर के हॉस्टल के कमरा नंबर 216 में रहता था।
अस्पताल में मजिस्ट्रेट के बयान में भी उसने घटना का कारण तिब्बत की आजादी ही बताया था।