भदोही के तीन प्रवासी युवक ट्रेन में आरक्षण न मिलने से बाइक से ही मुंबई के लिए निकल लिए। तीनों युवक शनिवार की रात रीवां (मप्र) में डिवाइडर से टकराकर घायल हो गए। घायलों में से एक की अस्पताल में मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। सूचना पर परिजन रीवां पहुंच गए। घटना की जानकारी से पूरे गांव में कोहराम मच गया है।
भदोही ब्लॉक के ग्राम याकूबपुर के प्रभाकर पांडेय का पुत्र मोनू पांडेय मुंबई के वसई में कई वर्ष से काम करता था। वहां गांव के कुछ और युवक भी काम करते थे। लॉकडाउन मेें सभी किसी तरह घर तो आ गए थे, लेकिन यहां रोजगार नहीं मिलने से परेशान थे। इसी बीच लॉकडाउन में ढील मिली और वसई से बुलावा आने लगा तो वे रेलवे टिकट के लिए दौड़ भाग करने लगे। काफी परेशान होने के बाद ट्रेन में आरक्षण की व्यवस्था नहीं हुई तो थक हार कर शुक्रवार (चार सितंबर) को मोनू दो अन्य साथियों बऊ और सोनू के साथ एक ही बाइक से मुंबई रवाना हो गया।
घायल युवक के मुताबिक शनिवार शाम वे कटनी से गुजर रहे थे तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया और आगे नहीं जाने दिया। इस पर वे रास्ता बदल कर ग्राम खटकटी थाना शाहपुर जनपद रीवां से होकर निकल रहे थे कि 11 बजे रात डिवाइडर से टकराकर गंभीर रूप से घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल मोनू को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। उधर, हादसे की सूचना पर तीनों के घर और गांव में कोहराम मच गया। रविवार को परिजन दोनों घायलों बऊ और सोनू तथा मोनू का शव लेकर गांव आ गए। रविवार को मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। बाकी दोनों खतरे से बाहर बताए गए हैं।