इन क्षेत्रों में निवेश को बताया शुभ
नवरात्र में मां भगवती की आराधना के साथ नई संपत्ति और उपयोगी वस्तुओं की खरीदारी की पुरानी परंपरा रही है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, इस दौरान इन क्षेत्रों में निवेश को विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
ऑटोमोबाइल: कार, बाइक और व्यावसायिक वाहनों की खरीदारी को यात्राओं में सुरक्षा, काम में गति और स्थायित्व से जोड़कर देखा जाता है।
रियल एस्टेट: मकान, जमीन, प्लॉट और कॉमर्शियल संपत्ति की खरीदारी को भूमि लाभ और पारिवारिक सुख-समृद्धि के लिए शुभ माना जाता है।
धातु और आभूषण: सोना, चांदी, पीतल और धातुओं से बनी देव प्रतिमाओं की खरीदारी को धन-वैभव और समृद्धि से जोड़ा जाता है।
उद्योग और व्यवसाय: फैक्टरी की स्थापना, नई मशीनरी खरीदने और कारोबार के विस्तार के लिए भी इन तिथियों को अनुकूल माना जा रहा है।
पूजा-अर्चना के बाद निवेश को फलदायी मान्यता
ज्योतिषाचार्य सुभाष पांडेय के अनुसार, नवरात्र के दौरान आदिशक्ति मां भगवती की विधिवत पूजा-अर्चना के बाद किया गया निवेश शुभ फल देने वाला माना जाता है। उनका कहना है कि इन विशेष तिथियों पर किए गए नए कार्यों से स्थायित्व और लाभ की संभावना रहती है।
उधर, पूर्वांचल के ऑटोमोबाइल और सर्राफा बाजारों में बुकिंग का सिलसिला तेज होने लगा है। कारोबारियों को उम्मीद है कि 17, 18 और 20 अक्तूबर को खरीदारी बढ़ने से बाजार में अच्छा कारोबार होगा। त्योहारी सीजन में ग्राहकों की बढ़ती मांग से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।