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वाराणसी: लूट में दंपती की हुई थी हत्या, बेटे-बहू को किया था घायल, तीन को आजीवन कारावास; जुर्माना भी लगा

Sat, 19 Sep 2026 02:32 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी में घर में घुसकर लूट, मारपीट व प्रेमनाथ कपूर और पत्नी कपूर की हत्या के मामले में अदालत का फैसला आ गया है। मामले में तीन को आजीवन कारावास हुआ। साथ ही 15 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
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कोर्ट - फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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वाराणसी में घर में घुसकर लूट, मारपीट व प्रेमनाथ कपूर और पत्नी कपूर की हत्या के मामले में मिर्जापुर निवासी राजू सिंह, बिहार रोहतक निवासी विकास और बिहार सीतामढ़ी के संजय कहार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश रचना सिंह की अदालत ने दोषी पाया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

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वाराणसी में सारनाथ थाना क्षेत्र की श्रीनगर कॉलोनी, पहड़िया में 29 अक्तूबर 2003 की रात घर में घुसकर लूट, मारपीट व प्रेमनाथ कपूर और पत्नी कपूर की हत्या के मामले में मिर्जापुर निवासी राजू सिंह, बिहार रोहतक निवासी विकास और बिहार सीतामढ़ी के संजय कहार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश रचना सिंह की अदालत ने दोषी पाया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 15 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। लोक अभियोजक श्रवण कुमार रावत ने बताया कि अपराध में शामिल एक अन्य आरोपी छोटू कुमार की मौत हो चुकी है। 

अभियोजन के अनुसार, 29 अक्तूबर 2003 को साढ़े तीन बजे चार-पांच अज्ञात लोग छत के रास्ते घर में दाखिल हुए। आरोप है कि बदमाशों ने घर में मौजूद लोगों के साथ डंडे और धारदार हथियार से मारपीट की और सामान लूट लिया। घटना में प्रेमनाथ कपूर, कमला कपूर, संजय कपूर और अनीता कपूर घायल हुए थे। 
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घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां प्रेमनाथ और कमला कपूर की मौत हो गई। सपना की तहरीर पर सारनाथ थाने में चार-पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। विवेचना के बाद पुलिस ने राजू सिंह, संजय कहार, छोटू कुमार और विकास कुमार झा के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। 

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छत के रास्ते घुसे थे आरोपी
बेटा संजय कपूर ने अदालत में बताया कि घटना की रात वह अपनी पत्नी और भांजे के साथ कमरे में सो रहे थे। माता-पिता दूसरे कमरे में थे। मकान निर्माणाधीन था और बदमाश छत के रास्ते सीढ़ियों से घर में दाखिल हुए थे। शोर सुनकर वह बाहर आए तो बदमाश माता-पिता के साथ मारपीट कर रहे थे। बचाने पर आरोपियों ने उसके साथ भी मारपीट की। पत्नी अनीता भी शोर सुनकर बाहर आई, उनके साथ भी मारपीट की गई। बदमाशों की संख्या चार-पांच थी और उनके हाथों में लोहे की रॉड व मोटे डंडे थे। घटना के दौरान घर की लाइटें जल रही थीं। बदमाश घर से नकदी, कपड़े, चाबी का गुच्छा, बैंक की पे-इन स्लिप बुक, यूटीआई से संबंधित कागजात, आभूषण समेत अन्य सामान ले गए थे। 

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20 दिन बाद पुलिस ने दूसरे मामले में पकड़ा, तब खुला मामला
गवाह ने अदालत को बताया कि घटना के 20 दिन बाद पुलिस ने कुछ लोगों को आदमपुर थाने में पकड़े जाने की जानकारी दी। वह अपने भांजे यती टंडन के साथ पुलिस के कहने पर आदमपुर थाने गया। वहां चारों को पहचाना। इसके बाद पुलिस आरोपियों के साथ लेकर बरामदगी के लिए निकली। आरटीओ के पास एक पुलिया के नीचे से एक झोला बरामद किया गया। झोले में कपड़े, चाबी का गुच्छा, कैमरा, लेडीज रेजर, बैंक की पे-इन स्लिप, यूटीआई के कागजात समेत अन्य सामान मिला। गवाह ने अदालत में बरामद सामान की पहचान अपने घर से लूटे गए सामान के रूप में की।
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