केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने परियोजना निदेशक, उप निदेशक के निजी सहायक (पीए) समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बताया गया कि एनएचएआई, आरओ, वाराणसी के प्रबंधक और कार्यालय सहायक (संविदा कर्मचारी) ने शिकायतकर्ता से 50000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
सीबीआई ने एक आरोपी प्रबंधक, एनएचएआई, गोरखपुर (जो बाद में परियोजना निदेशक, एनएचएआई, गोरखपुर का पीए निकला) के खिलाफ शिकायत पर मामला दर्ज किया कि आरोपी ने रुपये का अनुचित लाभ मांगा था। शिकायतकर्ता को आवंटित पेट्रोल पंप के लिए एनओसी जारी करने के लिए शिकायतकर्ता से 1.50 लाख रुपये मांगे। जिस पर सीबीआई ने जाल बिछाया और शिकायतकर्ता से 1.50 लाख रुपये की रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये देने को कहा। जब शिकायतकर्ता रुपये देने पहुंचा तो आरोपियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
प्रबंधक, एनएचएआई, आरओ, वाराणसी और कार्यालय सहायक (संविदा कर्मचारी), एनएचएआई, आरओ, वाराणसी को कथित आपराधिक साजिश में उनकी भूमिका के लिए पकड़ा है। सीबीआई ने गोरखपुर, वाराणसी और लखनऊ में तीनों आरोपियों के आवासीय और आधिकारिक परिसरों की तलाशी ली, जिसमें आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए। अभियुक्तों को विशेष न्यायाधीश, सीबीआई कोर्ट, लखनऊ की अदालत में पेश किया जाएगा।