यूपी के जौनपुर में सोमवार को मछलीशहर-जंघई रोड पर अनियंत्रित ट्रेलर ने एक ही बाइक पर सवार तीन लोगों व एक साइकिल सवार को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार तीनों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि साइकिल सवार घायल हो गया।
बाइक पर सवार तीनों लोग एक ही परिवार के थे। क्रेन से ट्रेलर को उठवाकर फंसे हुए तीनों लोगों को बाहर निकलवाया। घायल व्यक्ति को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके पर एसडीएम जगदंबा सिंह और तहसीलदार संतोष सोनकर ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने का भरोसा दिया।
जिले के मीरगंज क्षेत्र के मेदपुर बनकट गांव निवासी रामधारी पाल (70) अपने पुत्र नागेंद्र (45) और इकलौते पौत्र शशिकांत लाले (20) के साथ बाइक से दवा लेने मछलीशहर जा रहे थे। बाइक नागेंद्र चला रहा था जबकि शशिकांत बीमार दादा को पकड़कर पीछे बैठा था।
घर से 20 किलोमीटर दूर मछलीशहर कोतवाली क्षेत्र के ताजुद्दीनपुर के पास सामने से आ रहे ट्रेलर की चपेट में आ गए। अनियंत्रित ट्रेलर बाइक सवार को रौंदते हुए सड़क किनारे गड्ढे में जाकर खड़ा हो गया।
ट्रेलर की ही दिशा में जा रहे साइकिल सवार ताजुद्दीनपुर गांव निवासी राजकुमार पाल (46) भी चपेट मे आकर घायल हो गया। नागेंद्र हेलमेट नहीं पहने था। घायल राजकुमार को ग्रामीणों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
मददराशि बढ़ाने का दबाव
रोते बिलखते मृतक के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
हादसे के बाद बाइक सवार तीनों बाइक समेत ट्रेलर के अगले हिस्से में फंस गए थे। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। एसडीएम जगदंबा सिंह, सीओ अवधेश शुक्ल, तहसीलदार संतोष सोनकर, कोतवाल राजेश कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए।
लोगों में गुस्से को देखते हुए मछलीशहर सर्किल के सभी थानों की फोर्स भी बुला ली गई। पुलिस ने क्रेन की मदद से ट्रेलर को ऊपर करवाया और नीचे दबी बाइक और तीनों शव को बाहर निकलवाया।
मृतक की जेब से मिली दवा की पर्ची पर रामधारी लिखा था। बाइक के रजिस्ट्रेशन नंबर से पुलिस ने निवास स्थान की जानकारी कर गांव के प्रधान से संपर्क कर परिवारीजनों को सूचना दी। इसके बाद पंचनामा कर शवों को पोस्टमार्ट के लिए भेज दिया।
उपजिलाधिकारी जगदंबा सिंह ने मृतकों के परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। इस पर ग्रामीणों ने मददराशि बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने का दबाव बनाया। एसडीएम ने किसी तरह लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया।