Varanasi News: आरोपियों ने बताया कि वह कार से ही पंजाब, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड में एटीएम की रेकी के बाद वारदात को अंजाम देते थे। डीसीपी वरुणा ने टीम को 20,000 का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
एटीएम में फेवी क्विक से डेबिट कार्ड चिपकाने के बाद उसे बदल कर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन आरोपियों को कैंट पुलिस और क्राइम ब्रांच ने बीती रात वरुणा क्षेत्र से गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से 13 डेबिट कार्ड, स्वाइप मशीन, कार बरामद हुई।
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डीसीपी वरूणा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में सुजीत कुमार, गुलशन कुमार और अभिषेक कुमार सभी बिहार के गया के फतेहपुर निवासी है। कैंट पुलिस और क्राइम ब्रांच की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह धोखे से डेबिट कार्ड बदल देते हैं। एक व्यक्ति एटीएम के बाहर खड़ा रहता है और दो व्यक्ति एटीएम के अन्दर रहते हैं, यदि कोई ग्राहक अंदर आया तो उसे बातों में उलझाकर डेबिट कार्ड बदल देते हैं।
एटीएम मशीन में कार्ड लगाने वाले स्थान पर कार्ड की मदद से फेवी क्विक लगाने के बाद धोखाधड़ी करते हैं। जब ग्राहक एटीएम मशीन में अपना कार्ड लगाता है और सारी प्रक्रिया पूरी करता है तो पीछे खड़ा अपना आदमी पिन देख लेता है और व्यक्ति को परेशान करने की नीयत से बातों में उलझाकर एटीएम कार्ड निकालने की जल्दबाजी करता है।
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एटीएम कार्ड निकालने का प्रयास करता है लेकिन फेवी क्विक लगा होने के कारण एटीएम कार्ड नहीं निकलता है तो सभी लोग गार्ड को बुलाने के लिए उस ग्राहक को एटीएम के बाहर भेज देते हैं तभी मौका देखकर उस एटीएम मशीन में फंसे डेबिट कार्ड को प्लास की मदद से खींचकर बाहर निकाल लेते हैं और फिर उस कार्ड से किसी दूसरे एटीएम से पैसा निकाल लेते हैं।