वाराणसी में कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ते हुए संक्रमण के बीच भी कुछ लोग जीवनरक्षक दवाओं को मननाने दाम पर बेच कर पैसा कमाने पर आमादा हैं। ऐसे ही दो अलग-अलग मामलों में बीएचयू के एक छात्र सहित तीन युवकों को क्राइम ब्रांच और भेलूपुर थाने की पुलिस ने मनमाने दाम पर तीन रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचते हुए गिरफ्तार किया है। दो आरोपियों को चेतगंज थाने और एक आरोपी को भेलूपुर थाने की पुलिस अदालत में पेश करने की तैयारी में है।
भेलूपुर थाना प्रभारी अमित कुमार मिश्रा को सूचना मिली थी कि एक युवक ककरमत्ता स्थित एक अस्पताल के सामने रेमडेसिविर इंजेक्शन मनमाना दाम पर बेचने की बात कर रहा है। सूचना के आधार पर भेलूपुर इंस्पेक्टर ने महमूरगंज चौकी इंचार्ज अनुज तिवारी के साथ घेरेबंदी कर उस युवक को एक रेमडेसिविर इंजेक्शन के साथ पकड़ा। पूछताछ में उसने खुद को दाउदपुर गंगापुर निवासी सुनील कुमार पटेल बताया।
सुनील ने बताया कि वह काफी पहले छह रेमडेसिविर इंजेक्शन खरीदा था। पांच इंजेक्शन वह बेच चुका है और छठे को 20 हजार रुपये में बेचने के लिए आया था, लेकिन उससे पहले ही पकड़ा गया। सुनील ने बताया कि वह बीएचयू के सोशल साइंस फैकल्टी का बीए का छात्र है और ऑनलाइन क्लास करने के लिए पैसों की जरूरत की वजह से इंजेक्शन की कालाबाजारी कर रहा था।
उधर, क्राइम ब्रांच प्रभारी अश्वनी पांडेय को सूचना मिली कि लहुराबीर क्षेत्र में दो युवक 18-18 हजार रुपये में दो रेमडेसिविर इंजेक्शन बेच रहे हैं। इस सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच प्रभारी दोनों युवकों से बतौर ग्राहक संपर्क किए और अपनी टीम के हेड कांस्टेबल सुरेंद्र मौर्य के साथ घेरेबंदी कर दोनों को पकड़ लिए।