आरोपियों की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही सिंधोरा मुर्दी, चमरू मुर्दी और गरमथा गांव के ग्रामीण, बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ थाने पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि पुलिस ने केवल वाहन चालक और उसके साथ मौजूद लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि मवेशियों को बेचने वाले वास्तविक व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसे लेकर महिलाओं ने थाने के बाहर धरना देकर नारेबाजी की और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और बरामदगी के आधार पर ही कार्रवाई की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, जिन लोगों को चोरी के मवेशियों के साथ पकड़ा गया, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई है।
स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। एसीपी सारनाथ विनय द्विवेदी ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर उन्हें कार्रवाई की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। मामले में आगे की जांच जारी है।