वाराणसी। खालसा पंथ के संस्थापक सिख धर्म के दसवें गुरु गोविंद सिंह के 355वें प्रकाशोत्सव पर रविवार को गुरुद्वारा बड़ी संगत नीचीबाग से परंपरागत तरीके से नगर कीर्तन शोभायात्रा निकाली गई। पैदल और घुड़सवार पंज प्यारे सबसे आगे चल रहे थे तो उनके पीछे पुरुष-महिलाएं कीर्तन करते हुए। चहुंओर वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतह और जो बोले सो निहाल...का उद्घोष फिजा में गूंज उठा।
गुरु गोविंद सिंह महाराज के प्रकाशोत्सव के अवसर पर पंजाब की तरन तारन खालसा गतका पार्टी ने तलवारबाजी, लठ कला से मुग्ध किया। उनकी कलाबाजी देख हर कोई तालियों से उनका उत्साह बढ़ा रहा था। वहीं पारंपरिक वेशभूषा धारण किए गुरुनानक खालसा स्कूल गुरुबाग व गुरुनानक इंग्लिश स्कूल शिवपुर के विद्यार्थियों ने कीर्तन से गुरु गोविंद का गुणगान किया। नगर कीर्तन के दौरान शोभायात्रा जिस भी मार्ग से गुजरी पवित्रता के लिए साध-संगत ने रास्ते पर झाड़ू लगाने के साथ पानी से धुलाई भी की। शोभायात्रा के बाद जहां गुरु ग्रंथ साहिब की आरती, पुष्प वर्षा व अरदास के बाद लोगों ने लंगर चखा। इस दौरान गरुद्वारा प्रबंधक कमेटी नीचीबाग के मुख्य ग्रंथी रंजीत सिंह, परमजीत अहलूवालिया सहित समाज के लोग मौजूद रहे।