अवैध पार्किंग कराने वालों पर नगर निगम शिकंजा कसने की तैयारी में है। इसे लेकर अभियान चलाया जाएगा और जुर्माने के अलावा लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। इसके साथ ही एफआईआर का प्रावधान भी लागू किया जाएगा।
अवैध पार्किंग चलाने वालों पर 5000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। लाइसेंस भी निरस्त किया जाएगा। इसके साथ एफआईआर दर्ज कराने का प्रावधान किया है। इस आशय का पत्र नगर विकास विभाग की सभी नगर निगमों को भेजा गया है।
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अधिकारियों ने बताया कि अवैध पार्किंग का असर शहर के यातायात पर पड़ता है। ये न केवल जाम का कारण बनते हैं, बल्कि आपातकालीन सेवाओं (जैसे एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड) को भी प्रभावित करते हैं। इस नियम के लागू होने से सड़क किनारे अवैध वाहन खड़े करने की प्रवृत्ति रुकेगी।
लाइसेंसधारी पार्किंग ऑपरेटर अधिक जिम्मेदार बनेंगे। नगर निगम के पास राजस्व स्रोत उपलब्ध होंगे। आम लोगों को सस्ते और सुरक्षित पार्किंग विकल्प मिलेंगे। इसका उद्देश्य शहरी पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है।
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इसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी पार्किंग स्थल अधिकृत लाइसेंसधारी व्यक्तियों या संस्थाओं द्वारा ही संचालित हों। हर घंटे के हिसाब से पार्किंग शुल्क निर्धारित किया गया है। अवैध पार्किंग संचालन पर सख्ती के लिए नगर आयुक्त को विशेष अधिकार दिए गए हैं। उनके नेतृत्व में गठित विशेष समिति का कार्य करेगी।