घर में काम करने वाले नौकर, दाई और अन्य लोगों को भी नहीं बुलाएं। इससे कोरोना संक्रमण होम क्वारंटीन के वक्त भी घर पहुंचने की आशंका हो सकती है। जिले में 14 हजार लोग होम क्वारंटीन किए गए हैं, कोरोना के पहले मरीज के गांव को भी क्वारंटीन किया गया था। लॉक डाउन में जरूरी सेवाओं में भी आगाह किया है। रोजमर्रा की जरुरतों के अलावा कोई भी सेवा उपलब्ध नहीं होगी। मगर, लोग दुरुपयोग कर रहे हैं, मंडी में भीड़ लगाते हैं, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे हैं। अगर वायलेशन करेंगे तो कोई फायदा नहीं होगा। उन्होंने बताया कि तब्लीगी जमात में शामिल दो व्यक्तियों के कोरोना पाजिटीव होने के बाद मदनपुरा और लोहता में कर्फ्यू लगाया गया है।
कोई भूखा दिखे तो हमें बताएं
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने वाराणसी के स्वयंसेवी, व्यापारी संगठन सहित अन्य संस्थाओं की तारीफ की और कहा कि लोगों दूसरे की मदद के लिए आगे आए हैं। प्रतिदिन नौ हजार पैकेट सामाजिक सहायता से मिल रहे हैं और चार हजार लोग अनजान रुप से सहायता कर रहे हैं। जाति धर्म का बंधन तोड़कर लोग मदद को आगे आए हैं। फूड पैकेट के अलावा राशन किट का वितरण भी किया गया है। इसके अलावा कोई भूखा दिखे तो कंट्रोल रुम 1077 या 0542-2508585 पर फोन करें। कंट्रोल रुम में मेडिकल, पुलिस, राशन सहित अन्य आपूर्ति की सहायता मिलेगी।
कीमत ज्यादा हो तो सामान खरीदने में रखें धैर्य
डीएम ने बताया कि जरूरी सेवाओं के लिए प्राइज लिस्ट जारी की जाती है। व्यापारियों से बैठक कर समन्वय किया जा रहा है। मगर अफवाह के कारण लोग एक ही दिन सामान खरीदने उमड़ते हैं और रेट ज्यादा हो जाता है। उन्होंने कहा कि सप्लाई चेन की व्यवस्था समझें और सामान की कीमतों में अचानक तेजी होने पर इंतजार करें। लॉक डाउन में मजिस्ट्रेट तैनात हैं और पुलिस के खिलाफ आई शिकायतों पर भी कार्रवाई की गई है।
सामूहिक शक्ति होगी तो जरूर जीतेंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील में सहयोग करें। जनता कर्फ्यू के बाद थाली बजाकर अभिवादन की तर्ज पर पांच अप्रैल को रात नौ बजे लाइट बंद कर नौ मिनट मोमबत्ती जलाने के अभियान में शामिल हो। यह एक देश एक टीम का संदेश है। एकजुटता से ही वाराणसी में कोरोना की जंग जीत लेंगे।