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मकबरे पर लगा उस्ताद के चाहने वालों का तांता

Mon, 22 Aug 2016 02:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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 पुण्यतिथि पर रविवार को शहनाई के जादूगर भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां खूब याद आए। संगीत प्रेमियों, चाहने वालों ने उन्हें शहनाई के सुरों के जरिए याद किया तो दरगाह-ए-फातमान स्थित उनके मकबरे पर चाहने वालों का तांता लगा रहा। उस्ताद को पुष्पांजलि देने हिंदू भी पहुंचे और मुसलमान भी।
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उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के मकबरे पर सुबह 10 बजे से ही चाहने वालों की भीड़ लगने लगी। उस्ताद बिस्मिल्लाह खां शहनाई एकेडमी के तत्वावधान में कुरान ख्वानी की गई। जोश, अकीदत, उत्साह के साथ उनकी मजार पर लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान उस्ताद के प्रिय नौहों के बोल भी गूंजते रहे। पिंडरा के विधायक अजय राय ने दरगाह-ए-फातमान पहुंच कर उस्ताद के मकबरे पर फूल चढ़ाए। इनके अलावा बनारस घराने के संगीतकारों का भी जमावड़ा लगा रहा।


 तबला सम्राट पं. किशन महाराज के पुत्र पं. पूरन महाराज, सरोद वादक विकास महाराज, प्रमोद वर्मा, शम्सी, शफक रिजवी, नरेंद्र गुप्ता, काबे अली, विनय चौरसिया, कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रजानाथ शर्मा समेत तमाम लोगों ने उस्ताद को नमन किया। इस मौके पर उनकी मजार पर पुष्प चढ़ाने के लिए उनकी बड़ी पुत्री जरीना बेगम, अजरा बेगम भी पहुंची। दोनों बेटियों ने नौहें पेश किए। उनके पुत्र शहनाई वादक उस्ताद जामिन हुसैन,तबला वादक नाजिम हुसैन, शकील अहमद जादूगर, पोते आफाक हैदर, नजमुल हसन समेत तमाम लोग उपस्थित थे।
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 बिस्मिल्लाह खां की पुण्यतिथि पर रविवार को सनातन धर्म इंटर कॉलेज में श्रद्धांजलि सभा की गई। इसमें शहनाई बजाकर लोगों ने उस्ताद को याद किया। संगीत नाटक अकादमी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में उस्ताद के पुत्र जामिन हुसैन खां ने दिल का खिलौना हाय टूट गया... धुन बजाई। बंगाली टोला इंटर कॉलेज के छात्रों ने सितारवादन प्रस्तुत किया। जितेंद्र मिश्र के निर्देशन में उस्ताद के जीवन वृत्त पर आधारित कजरी ‘शहनाई जादूगर के जग में बड़ा नाम बा...’ प्रस्तुत किया गया। शहनाई वादक चंद्रकांत ने राग असावरी की धुन बजाई।  सनातन धर्म इंटर कॉलेज के छात्रों ने सामूहिक गीत प्रस्तुत किया। अतिथियों का स्वागत प्रधानाचार्य डॉ. हरेंद्र राय और धन्यवाद ज्ञापन संगीत नाटक अकादमी से आए जयंत चौधरी ने किया। इस दौरान पूरन महाराज, अमिताभ भट्टाचार्या, जय प्रकाश पांडेय, देवाशीष डे, सुमन पाठक मौजूद रहे। उधर अली समिति के कार्यक्रम में बिस्मिल्लाह खां की याद में संगीत अकादमी बनाने की मांग की है। सचिव सैय्यद फरमान हैदर ने कहा कि बिस्मिल्लाह खां मजलिस और मातम के शौकीन थे। खुद नौहा पढ़ते थे और मजलिसों में शिरकत करने पर शौक से नौहा सुनते थे।
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