इस दौरान छात्र प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री के विरोध में जमकर नारेबाजी किया। इसके अलावा जेएनयू की तर्ज पर छात्रों ने एक स्वर में नारा लगाया कि हमें चाहिए आजादी, हम छीन कर लेंगे आजादी के नारे लगाए। साथ ही दिल्ली और यूपी पुलिस के खिलाफ भी नारेबाजी की।
जिस समय आक्रोशित लोग यह नारेबाजी कर रहे थे। वहां मौजूद शहर कोतवाली पुलिस उन्हें रोकने का प्रयास की। इस दौरान पुलिसवालों से भी नोंकझोंक हुई। छात्रों ने पुलिस के समक्ष चेतावनी दी कि चाहे अनुमति मिले या न मिले।
16 दिसंबर को हमारा विरोध जूलुस शहर में निकलेगा। चाहे इसके लिए हमें लाठियां क्यों न खानी पड़ी। इसी तरह का विरोध-प्रदर्शन दीदारगंज थाने के मार्टीनगंज तहसील बाजार के पास भी हुआ।
तो होती कार्रवाई
शहर कोतवाल अनिल सिंह ने बताया कि विरोध करने वाले छात्र शिब्ली कॉलेज गेट के अंदर थे। यदि वह सड़क पर आते तो धारा 144 के उल्लंघन के आरोप में उनके खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की जाती। कोतवाल ने बताया कि विरोधी नारेबाजी कालेज परिसर में हुई है।
हमने स्वयं कॉलेज प्रशासन से इस संबंध में केस दर्ज कराने को कहा, लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ। वहीं प्रभारी एसपी ग्रामीण/प्रभारी एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि शहर कोतवाली और दीदारगंज दोनों थानों की पुलिस को केस दर्ज कर कार्रवाई का आदेश दिया गया है।