सावन में आने वाले यादव बंधुओं के लिए भी प्रवेश और निकास का मार्ग तय कर दिया गया है। उन्हें ढूंढीराज द्वार से मंदिर परिसर में प्रवेश कराया जाएगा और दर्शन के बाद गेट नंबर चार से बाहर निकाला जाएगा। मंदिर प्रशासन के अनुसार, सामान्य श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए इस बार यादव बंधुओं को गर्भगृह में प्रवेश कर जलाभिषेक की अनुमति नहीं दी जाएगी। वे झांकी दर्शन के माध्यम से बाबा का दर्शन करेंगे और निर्धारित स्थान से जलाभिषेक कर सकेंगे। हालांकि, उनके प्रवेश और निकास की व्यवस्था पूरी तरह सुचारु रखी जाएगी।
एसडीएम शंभू शरण ने बताया कि परंपरा के अनुसार सावन के चारों सोमवार को मंगला आरती के बाद श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बार बैरिकेडिंग व्यवस्था को पहले से अधिक व्यवस्थित बनाया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी न हो। यादव बंधुओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनके आवागमन का मार्ग भी तय कर दिया गया है। मंदिर प्रशासन का लक्ष्य सावन भर श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन कराना है।
स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन भी सावन में
इस वर्ष सावन के एक सोमवार को नाग पंचमी का पर्व पड़ रहा है। इसके अलावा सावन के दौरान गुरु पूर्णिमा, स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन जैसे प्रमुख पर्व भी आएंगे। मंदिर प्रशासन ने सावन के दौरान सभी प्रकार की ऑनलाइन बुकिंग बंद कर दी है। इसमें सुगम दर्शन, मंगला आरती, भोग आरती और रुद्राभिषेक सहित सभी ऑनलाइन सुविधाएं शामिल हैं। वेबसाइट पर भी सूचना प्रदर्शित की जा रही है कि सावन में संभावित भारी भीड़ के कारण सभी प्रकार की ऑनलाइन बुकिंग अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई है।