आजादी के अमृत महोत्सव के तहत हर घर तिरंगा कार्यक्रम के लिए महिलाएं 2 लाख 53 हजार तिरंगा सिलने का काम कर रही हैं। इससे दो हजार महिलाओं के हुनर को मंच मिलने के साथ ही उनका रोजगार भी बढ़ रहा है।
आजादी के अमृत महोत्सव के तहत शासन के निर्देश पर इस वर्ष 11 से 17 अगस्त तक होने वाले हर घर तिरंगा कार्यक्रम के लिए महिलाएं 2 लाख 53 हजार तिरंगा सिलने का काम कर रही हैं। इससे स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी दो हजार महिलाओं के हुनर को मंच मिलने के साथ ही उनका रोजगार भी बढ़ रहा है। इससे महिलाओं की अच्छी आमदनी भी हो रही है।
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जिले में कुल पांच लाख तिरंगा फहराने का लक्ष्य रखा गया है। ग्राम्य विकास विभाग ने झंडे तैयार करने की जिम्मेदारी समूह की महिलाओं को दी है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के उपायुक्त स्वत: रोजगार दिलीप कुमार सोनकर ने बताया कि महिलाएं डेढ़ फीट लंबा और एक फिट चौड़ा तिरंगा बना रही हैं। अशोक चक्र बनाने की जिम्मेदारी एक अलग और प्रशिक्षित समूह की महिलाओं को दी गई है। आराजीलाइन व हरहुआ ब्लॉक की महिलाओं ने अब तक 20 से ज्यादा राष्ट्रीय ध्वज तैयार भी कर लिया है।
महिलाएं बढ़ा सकेंगी रोजगार
समूह की महिलाओं की ओर से तिरंगे की कीमत 25.75 रुपये निर्धारित की गई है। इस आमदनी से महिलाओं को अपना रोजगार बढ़ाने में मदद मिलेगी। महिलाएं तिरंगा सिलकर बीडीओ को उपलब्ध कराएंगी। बीडीओ प्रधान के माध्यम से तिरंगा वितरित कराएंगे। तिरंगे की कीमत का भुगतान ग्राम प्रधान को करना होगा।