घोसी सांसद अतुल राय पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली युवती के इकलौते गवाह ने इस मामले में सांसद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। फेसबुक पेज पर कई पोस्ट और वीडियो इसकी गवाही दे रहे हैं। बलिया निवासी युवती ने लंका थाने में एक मई 2019 को सांसद पर मुकदमा दर्ज कराया था। इस प्रकरण के इकलौते गवाह और युवती को धमकियां मिलनी शुरू हुईं तो दोनों ने घर परिवार छोड़ दिया। अपने फेसबुक पेज और ट्विटर पर वीडियो जारी करते हुए गवाह ने कई बार आरोप लगाया था कि घोसी सांसद के इशारे पर धमकियां दी जा रही हैं। केस से हटने के लिए कई बार करोड़ों रुपये तक का प्रलोभन दिया गया। बलिया के नरही थाने में दुष्कर्म का मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। इस फर्जी मुकदमे में नरही एसएचओ तेज बहादुर सिंह निलंबित हुए थे।
एक मई 2019 से लेकर अब तक वह युवती के हर कदम पर साथ रहा। यहां तक कि साथ में ही दोनों ने यह खौफनाक कदम भी उठाया। यूपी कॉलेज में छात्र राजनीति के दौरान एक दूसरे के संपर्क में आए युवक के एक दोस्त ने बताया कि वह गलत बर्दाश्त नहीं करता था। शिवपुर के कुछ युवकों ने उसकी कई बार रेकी की थी और धमकियां तो हर रोज दी जाती थीं। हालांकि वह धमकियों से डरा नहीं, कहीं न कहीं इंसाफ और न्याय व्यवस्था पर विश्वास था उसे, पर न्याय नहीं मिलते देख दोनों ने जिंदगी को अलविदा कहना ही मुनासिब समझा।
गलत टिप्पणी पर निलंबित हुए थे सीओ अमरेश सिंह बघेल
16 अगस्त को दिल्ली स्थित सुप्रीम कोर्ट परिसर में आत्मदाह करने वाली दुष्कर्म पीड़िता और गवाह ने फेसबुक लाइव वीडियो जारी करते हुए तत्कालीन एसएसपसी अमित पाठक, सीओ भेलूपुर अमरेश सिंह बघेल और नरही थानेदार टीबी सिंह पर जांच का रुख मोड़ने का आरोप लगाया था। पीड़िता और गवाह के खिलाफ 23 नवंबर 2021 को न्यायालय के आदेश पर कैंट थाने में घोसी सांसद के भाई पवन सिंह ने धोखाधड़ी मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना के दौरान जांच आख्या में अनुचित टिप्पणी में क्षेत्राधिकारी भेलूपुर अमरेश सिंह बघेल को 30 दिसंबर 2020 को शासन ने निलंबित कर दिया था।
आरोपी सांसद को 53 दिन तक वाराणसी पुलिस नहीं पकड़ सकी थी
युवती की ओर से लंका थाने में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराने के बाद भी तत्कालीन वाराणसी पुलिस अतुल राय को नहीं पकड़ सकी थी। एक मई 2019 से लेकर 22 जून 2019 के बीच तक अतुल राय अपने चुनाव प्रचार में रहे और जीत भी दर्ज की। पुलिस और खुफिया विभाग को भनक तक नहीं लगी और सांसद अतुल राय ने 22 जून 2020 को अपने एक अधिवक्ता की मदद से कोर्ट में सरेेंडर कर दिया था। इसे लेकर भी गवाह ने वाराणसी पुलिस पर लापरवाही और जान बूझकर गिरफ्तारी नहीं करने का आरोप लगाया था।