सुबह हुई दो घंटे की बारिश ने शहरवासियों को बुधवार को पूरे दिन परेशान किया। जगह-जगह जलभराव और कीचड़ से सड़कों, गलियों में दो कदम चलना मुश्किल हो गया। इसका असर परिवहन सेवाओं पर पड़ा। रिक्शा और ऑटो वालों ने मनमाना किराया वसूला। कई इलाकों में तो जलभराव के चलते घंटों जाम की भी मुसीबत झेलनी पड़ी। सुबह आफिस और स्कूल जाने वालों को सबसे ज्यादा दिक्कतें आईं। नगरीय सुविधाओं की बदहाली के चलते आम शहरियों के लिए यह बारिश भले ही दुश्वारियां लेकर आईं मगर यह बारिश किसानों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर गई। धान और अरहर की फसल के लिए इस बारिश को काफी मुफीद माना जा रहा है।
सुबह करीब 7:50 बजे तेज हवा के साथ बारिश शुरू हुई। दो घंटे तक मूसलधार बारिश के चलते शहर के निचले इलाकाें में कई जगहों पर पानी भर गया। बजरडीहा, खोजवा में सीवर आवेरफ्लो के चलते घरों तक पानी पहुंच गया। अंधरापुल, तेलियाबाग, मैदागिन, कबीरचौरा, मलदहिया, तेलियाबाग, इंग्लिशियालाइन, गोदौलिया, गुरुबाग, रवींद्रपुरी आदि इलाकों में दोपहर तक सड़कों पर पानी लगा रहा। सबसे अधिक दुश्वारी बीएचयू के सरसुंदर लाल अस्पताल के कैंपस में दिखी।
यहां करीब 11 बजे तक लोग घुटने भर पानी से होकर आते-जाते रहे। मरीज और उनके तीमारदारों को खासी मुश्किलें हुईं। बारिश के चलते दूकानदारी भी प्रभावित हुई। दूकानें तो खुली रहीं मगर खरीदार रोज की अपेक्षा बेहद कम रहे। आम दिनों में जाम से हांफने वाला लंका, कमच्छा, गोदौलिया, मैदागिन, विशेश्वरगंज का इलाका दोपहर तक जाम से मुक्त रहा। हालांकि जिन इलाकाें में सड़कों पर बारिश का पानी लगा, वहां जरूर जाम के हालात रहे।