उदय प्रताप स्वायत्तशासी कॉलेज (यूपी कॉलेज) के शिक्षक समुदाय में लंबे समय से चला आ रहा विवाद अब समाप्त हो गया है। बुधवार को महाविद्यालय परिसर में दोनों शिक्षक संघों के एकीकरण पर मुहर लग गई। बैठक में सभी शिक्षकों ने सर्वसम्मति से दोनों शिक्षक संघों के एकीकरण पर अपनी सहमति जताई। इसके बाद संघों के औपचारिक विलय की घोषणा कर दी गई।
बैठक में शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षक समुदाय को आपसी मतभेद और सांगठनिक विभाजन को दरकिनार कर एकता, सहयोग और सामूहिक हितों के लिए एकजुट होना होगा। यह विलय केवल दो संगठनों का मिलाप नहीं, बल्कि शिक्षकों की सामूहिक शक्ति, गरिमा और अधिकारों को और अधिक प्रभावी ढंग से स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। दोनों संघ के मंत्री प्रो. मयंक सिंह, प्रो. सुबोध सिंह की ओर से बैठक बुलाई गई थी। इसमें दोनों शिक्षक संघ के अध्यक्ष, मंत्री, जनपद शिक्षक संघ वाराणसी के महामंत्री, विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के महामंत्री समेत प्रो. नरेंद्र प्रताप सिंह, प्रो. धर्मेंद्र सिंह, प्रो. दिवाकर सिंह, प्रो. सुधीर शाही, प्रो. राजीव कृष्ण सिंह, प्रो. अजय प्रकाश सिंह, प्रो. संजीव सिंह, प्रो. श्यामबाबू वर्मा, प्रो. प्रज्ञा पारमिता, प्रो. अनीता सिंह आदि मौजूद रहीं।