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शोभायात्रा तो निकाली, विसर्जन नहीं िकया

Mon, 12 Sep 2016 02:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन में पूजा समितियों की नाराजगी साफ दिखी। कई विसर्जन को आस्था और परंपरा से जोड़कर देखने वालों ने पूजा के बाद प्रतिमाओं को पंडालों में रखवा दिया। शारदा भवन में छत पर कृतिम गंगा बनाकर विसर्जन की रस्म अदायगी की गई। इसके साथ ही पूजा समितियों ने संदेश देने की कोशिश की कि उच्च न्यायालय की अनुमति मिलने के बाद विसर्जन गंगा में ही किया जाएगा। आस्था और परंपरा के सवाल पर वह डिगेंगे नहीं। जबकि कुछ पंडालों से बाजेगाजे के साथ शोभायात्राएं निकाली गईं और प्रशासन की ओर से निर्धारित कुंडों में विसर्जन किया गया।
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प्रतिमा विसर्जन को लेकर रविवार को असमंजस की स्थिति नजर आई। लोकमान्य श्री सार्वजनिक गणेशोत्सव की ओर से शहर में पांच स्थानों पर प्रतिष्ठापित गणेश प्रतिमाएं कुंडों में न ले जाकर उत्सव स्थल पर ही विसर्जित कर दी गईं। इसी तरह दुर्गाघाट स्थित नाना फड़नवीस के बाड़े में प्रतिष्ठापित नूतन बालक गणेशोत्सव की प्रतिमा की विसर्जन शोभायात्रा तो निकाली गई लेकिन विसर्जन नहीं किया गया। अलबत्ता प्रतिमा पंडाल में लाकर दोबारा रखवा दी गई। संयोजक डॉ माधव जनार्दन रटाटे ने बताया कि बीते वर्ष भी प्रतिमा विसर्जित नहीं की गई थी। हाईकोर्ट से जब तक फैसला नहीं आ जाता तब तक प्रतिमा विसर्जित नहीं की जाएगी। श्री काशी गणेशोत्सव कमेटी की ओर से दुर्गाघाट के मंगल भवन में प्रतिष्ठापित गणेश प्रतिमा का भी विसर्जन नहीं किया गया। शोभायात्रा के बाद प्रतिमा मंगल भवन में ही रखवा दी गई। रामघाट स्थित सांगवेद विद्यालय की भी प्रतिमा विसर्जित नहीं की गई।


गणेश प्रतिमाओं की कई पंडालों से रविवार को बाजे गाजे के साथ शोभायात्रा निकाली गई। आसभैरो के अग्रवाल भवन में प्रतिष्ठापित लाल बाग के राजा की जिस प्रतिमा को लेकर बीते वर्ष गोदौलिया चौराहे पर संतों-बटुकों पर लाठीचार्ज हुआ था, उस प्रतिमा का धूमधाम से विसर्जन किया गया। देर शाम तक लक्ष्मीकुंड और कंपनी बाग के तालाब में कुल पांच प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। चाक-चौबंद सुरक्षा इंतजामों के साथ दोपहर बाद करीब 2:30 बजे श्रीकाशी मराठा गणेश उत्सव समिति की ओर से लाल बाग के राजा को रथारूढ़ कराकर शोभायात्रा निकाली गई। महाराष्ट्र से आए 70 कलाकारों के दल ने शोभायात्रा के दौरान सड़क पर 51 कलाओं का प्रदर्शन किया। समिति के अध्यक्ष संतोष पाटिल, सुहाष पाटिल, मानिक राव पाटिल, अन्ना मोरे, शिवम जायसवाल, हनुमान शिंदे, मूसा मुलाणी, अजीत पाटिल, सूरज शिंदे, हनुमंत राव मोरे आदि ने शोभायात्रा में हिस्सा लिया।
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