वाराणसी में काशी विश्वनाथ परिक्षेत्र के रेड जोन स्थित विश्वनाथ गली में राम-जानकी मंदिर के प्रथम तल पर कमरे में मंगलवार को पुजारी उमेश मिश्रा (40) ने फंदा लगाकर जान दे दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रथम दृष्टया पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है। उनका कहना कि पुजारी ने आर्थिक तंगी की वजह से यह कदम उठाया है। फिलहाल पुलिस कारणों का पता लगा रही है।
बता दें कि राम-जानकी मंदिर के प्रबंधक जिला जज हैं।
विश्वनाथ गली में राम-जानकी मंदिर भूतल पर है। मंदिर का कर्मचारी दोपहर में प्रथम तल पर कमरे में किसी काम से गया तो देखा कि उमेश फंदे के सहारे लटके थे। सूचना मिलते ही एसीपी दशाश्वमेध मौके पर पहुंचे और जांच की। उन्होंने बताया कि मूलरूप से मध्य प्रदेश के सागर निवासी उमेश मिश्रा रामनगर में टेंगरा मोड़ के पास रहते थे। उनका आठ वर्ष का एक पुत्र है। परिजनों ने बताया कि उमेश मानसिक रूप से परेशान थे, लेकिन कभी किसी से कुछ नहीं बताया।