वाराणसी में मंगलवार को बीएचयू के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग द्वारा विश
आईएमएस बीएचयू के गैस्ट्रोलॉजी विभाग की ओर से मंगलवार को विश्व आईबीडी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मरीजों को बीमारी के कारण, बचाव के प्रति जागरूक किया गया। मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि संतुलित आहार, अनुशासित जीवनशैली से रोगों पर रोकथाम संभव है।
डॉक्टर्स लाउंज में आयोजित समारोह में कुलपति ने कहा कि यदि व्यक्ति अपनी जीवनशैली को संतुलित रखे, दैनिक दिनचर्या की गुणवत्ता में सुधार लाए और अनुशासित जीवन व्यतीत करे तो वह स्वस्थ जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा सकता है। बदलती जीवनशैली के कारण मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। गैस्ट्रोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. देवेश प्रकाश यादव ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में आईबीडी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन समय पर निदान और उचित उपचार के माध्यम से मरीज सामान्य जीवन व्यतीत कर सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान आधुनिक उपचार पद्धति फीकल माइक्रोबायोटा ट्रांसप्लांटेशन (एफएमटी) पर विशेष जानकारी दी गई। बताया कि यह तकनीक आंतों में स्वस्थ जीवाणुओं के संतुलन को पुनर्स्थापित करने में सहायक होती है डॉ. अंकिता ने मरीजों व उनके परिजनों को नियमित चिकित्सकीय परामर्श लेने और उपचार कराने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में आईएमएस निदेशक प्रो. एसएन संखवार, डीन प्रो. संजय गुप्ता, प्रो. एसके शुक्ला, प्रो. अनुराग कुमार तिवारी, प्रो. विनोद कुमार, प्रो. ब्रजेश कुमार आदि मौजूद रहे।