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Varanasi: बेहद खतरनाक थे परवेज और रईस अहमद के मंसूबे, मुस्लिम युवाओं को भेज रहे थे भड़काऊ मैसेज, कई खुलासे

Tue, 09 May 2023 09:54 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

जांच एजेंसियां कई दिनों से दोनों के सोशल मीडिया अकाउंट और मोबाइल के मैसेज पर नजर रखे हुई थीं। दोनों की गतिविधियां बढ़ने पर उनको गिरफ्तार करने के साथ उनसे जुड़े युवाओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। एटीएस ने दोनों के मोबाइल को फाॅरेंसिक जांच के लिए भेजा है, ताकि उससे अहम जानकारियां हाथ लग सके।
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ATS ने पीएफआई के दो इनामी सदस्यों को किया गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के वाराणसी से गिरफ्तार सदस्यों परवेज अहमद और रईस अहमद के मंसूबे बेहद खतरनाक थे। दोनों बीते कई दिनों से मुस्लिम युवाओं को भड़काऊ मैसेज भेज रहे थे। प्रयागराज में पुलिस अभिरक्षा में हुई हत्या समेत यूपी से जुड़े हर मामले को इस्लाम पर हमले से जोड़कर युवाओं को लगातार भड़का दरहे थे ताकि मौका पड़ने पर प्रदेश का माहौल खराब किया जा सके।

जांच एजेंसियां कई दिनों से दोनों के सोशल मीडिया अकाउंट और मोबाइल के मैसेज पर नजर रखे हुई थीं। दोनों की गतिविधियां बढ़ने पर उनको गिरफ्तार करने के साथ उनसे जुड़े युवाओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। एटीएस ने दोनों के मोबाइल को फाॅरेंसिक जांच के लिए भेजा है, ताकि उससे अहम जानकारियां हाथ लग सके। एटीएस की गिरफ्त में आने के बाद एनआईए के अधिकारियों ने भी दोनों से पूछताछ की है। वहीं, जिन 75 लोगों को बीते दो दिन के दौरान एटीएस ने हिरासत में लिया था, उनसे बांड भरवाकर छोड़ दिया गया है। उनको शहर छोड़कर नहीं जाने और पुलिस की निगरानी में रहने की हिदायत दी गई है। इन सभी के मोबाइल एटीएस ने जांच के लिए अपने कब्जे में लिए हैं।

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यह भी पढ़ें- Varanasi: ATS ने पीएफआई के दो इनामी सदस्यों को किया गिरफ्तार, वाराणसी और आजमगढ़ के 11 लोगों से पूछताछ

सहानुभूति रखने वाले युवाओं को जोड़ने में जुटे थे दोनों

प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन पीएफआई पर केंद्र सरकार के प्रतिबंध लगाने के बाद उसके सदस्य अंदरखाने संगठन से सहानुभूति रखने वाले युवाओं को जोड़ने में जुटे थे। सूत्रों के मुताबिक इस तरह का आदेश केरल में पीएफआई के हेडक्वार्टर की तरफ से दिया जा रहा था। परवेज और रईस सीएए, एनआरसी प्रकरण के समय से सक्रिय थे। दोनों असम तथा अन्य राज्यों में पीएफआई, कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई) और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के संपर्क में रहकर देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे।

 

ats

दारुल ए इस्लाम से जुड़े होने की भी जांच

एटीएस के अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि परवेज और रईस जैसे फरार सदस्यों के जरिये पीएफआई की जगह किसी नए संगठन की नींव रखने की तैयारी तो नहीं की जा रही थी। इनका दारुल ए इस्लाम संगठन से जुड़ाव के बारे में भी छानबीन की जा रही है। दरअसल, पीएफआई और उसके आठ सहयोगी संगठनों पर प्रतिबंध लगने के बाद बाकी सदस्यों को जोड़े रखने के लिए लगातार कोशिश जारी है। इसके लिए नए लोगों को भी जोड़ा जा रहा है, जिनका कोई पुराना आपराधिक इतिहास न हो और वे पीएफआई के पदाधिकारियों पी. कोया, कमाल केपी आदि को जेल से बाहर निकालने के लिए पैरोकारी भी कर सके।

 

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पाकिस्तान व बांग्लादेश भी गए थे आरोपी

परवेज और रईस दिल्ली, केरल, यूपी आदि में आयोजित होने वाली पीएफआई और उसके सहयोगी संगठनों की कार्यशालाओं में शामिल होते थे, जहां उनको देशविरोधी गतिविधियों को अंजाम देने की ट्रेनिंग दी जाती थी। दोनों को बड़ी संख्या में युवाओं को जोड़ने का जिम्मा सौंपा गया था ताकि उनकी मदद से इस्लामिक विचारधारा को बढ़ावा दिया जा सके। दोनों के पाकिस्तान, बांग्लादेश अथवा अन्य किसी खाड़ी देश में जाने की पुष्टि भी की जा रही है।

वकील से भी भरवाया गया बांड

एटीएस ने लखनऊ से पीएफआई की पैरोकारी करने वाले एक वकील को हिरासत में लिया था, जिससे लंबी पूछताछ के बाद बांड भरवाकर जाने दिया गया। सूत्रों के मुताबिक, यह वकील बीते कई दिनों से जेल में बंद पीएफआई के पदाधिकारियों की जमानत कराने के लिए सक्रिय था। इसके लिए वह तीन बार दिल्ली भी गया था। इस पैरोकारी के लिए होने वाली फंडिंग की एटीएस जांच कर रही है।
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