राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत 20 लाख रुपये से प्लांट स्थापित किया गया है। इसके जरिये महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम चलेगी। गोबर इकट्ठा करने से पेंट के उत्पादन तक की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को दी गई है।
20 महिलाएं करेंगी प्लांट का संचालन
भिटकुरी के गो आश्रय केंद्र के पास तीन हजार वर्ग फुट भूमि पर प्लांट स्थापित किया गया है। 700 से अधिक की क्षमता वाले गो आश्रय केंद्र से गोबर लिया जाएगा। स्वयं सहायता समूह की 20 महिलाओं को प्लांट संचालन की जिम्मेदारी दी जाएगी। हर महिला को प्रति माह आठ से दस हजार रुपये मानदेय मिलेगा। पेंट की आपूर्ति भंडारण से की जाएगी।
सरकारी भवनों की रंगाई-पुताई इसी पेंट से
प्लांट में बनने वाले पेंट को काशी प्रेरणा नाम से जाना जाएगा। सरकारी भवनों आदि की रंगाई- पुताई में इसी पेंट का इस्तेमाल किया जाएगा। समूह, संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्था के बीच वर्क ऑर्डर के आधार पर पेंट की आपूर्ति की जाएगी।
राजस्थान से आ रहा कच्चा माल
पेंट के लिए कच्चा माल राजस्थान से मंगवाया जा रहा है। इसके लिए स्वयं सहायता समूह और राजस्थान की संस्था के बीच करार हुआ है।
पीएमईजीपी के तहत मिला ऋण
सेवापुरी की हेमा देवी को प्लांट के लिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत 25 लाख रुपये का ऋण मिला है। इसका इस्तेमाल प्लांट के निर्माण व संचालन में आने वाले खर्च पर किया गया है। यह ऋण कम ब्याज दर पर मिला है।
इस महीने के अंत तक सभी काम पूरे हो जाएंगे। प्लांट से पेंट का उत्पादन भी शुरू हो जाएगा। - हिमांशु नागपाल, मुख्य विकास अधिकारी