फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Varanasi News: मोक्ष प्राप्ति के लिए बेटे के साथ काशी आए थे माता-पिता

विज्ञापन
विज्ञापन
मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान था दंपती, कमिश्नरेट पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस से साधा संपर्क
विज्ञापन

माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। महाराष्ट्र के रायगढ़ से मुखर्जी परिवार काशी में मोक्ष प्राप्ति के लिए आया था। गंभीर बीमारी से ग्रसित पिता विशाल मुखर्जी की अंतिम इच्छा थी कि वह काशी में ही दम तोड़े। मां जया मुखर्जी भी मानसिक रूप से अस्वस्थ थी। पिता की मौत होने के बाद बेटे ईशान मुखर्जी और मां जया मुखर्जी ने विषाक्त पदार्थ खाकर जान दे दी। परिवार पर काफी कर्ज था और 10 लाख का विशाल ने लोन ले रखा था। होम स्टे में आने के बाद ही कर्मचारियों से उसने पीड़ा व्यक्त की थी। लक्सा पुलिस ने रायगढ़ पुलिस से संपर्क साधा। वाची होम स्टे में सोमवार को सुसाइड करने वाले मां-बेटे, पिता के शव को शिवपुर मोर्च्यूरी में रखा गया है। लक्सा पुलिस के अनुसार, अभी तक किसी भी रिश्तेदार या परिजन से संपर्क नहीं हो सका है। महाराष्ट्र की रायगढ़ पुलिस को आधार कार्ड समेत अन्य विवरण भेजे गए है।
एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान ने बताया कि परिजनों या किसी रिश्तेदार के पहुंचने पर शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। कोई नहीं आता है तो फिर 72 घंटे पूरे होने पर पुलिस पोस्टमार्टम कराएगी। मोक्ष की प्राप्ति समेत अन्य बिंदुओं पर भी पुलिस जांच कर रही है। जांच में समझ में आया कि पिता की पहले मौत हुई और उसके बाद मां-बेटे कमरे पर पहुंचे और जहर खाकर जान दे दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 साल में 30 लोगों ने मोक्ष के लिए मौत को लगाया गले
काशी में मोक्ष की प्राप्ति के लिए मुमुक्ष भवन बना हुआ। पिछले पांच साल में दक्षिण भारत समेत महाराष्ट्र के 30 लोगों ने मौत को गले लगाया। कोई फंदे पर लटका तो कोई गंगा में कूदा। परिवार के साथ आए लोगों ने जहर खाकर काशी में जान दी है। पुलिस आंकड़ों के अनुसार, फरवरी में हैदराबाद सिकंदराबाद के सीताफल सब्जी मंडी के रहने वाले सगे भाई-बहन ने कैंट स्टेशन के सामने होटल सिटी इन में नशीली दवाएं खाकर जान दे दी थी। बड़ी बहन की तेरहवीं के दिन ही दोनों ने खौफनाक कदम उठाया। सितंबर 2024 में सोनारपुरा के राम तारक आंध्रा आश्रम में पी लक्ष्मी नारायण, पी लोक विनोक ने फंदे से लटक जान दे दी थी। दोनों वेस्ट गोदावरी के रहने वाले थे। 5 दिसंबर 2025 में दिल्ली के कारोबारी सुरेंद्र केशरी ने दशाश्वमेध घाट से गंगा में छलांग लगाकर जान दे दी थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें