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संकट मोचन संगीत समारोह: हनुमत दरबार में आज शिवमणि की प्रस्तुति से शुरू होगी संगीतमय यात्रा

Wed, 20 Apr 2022 10:30 AM IST
वाराणसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

देश की सांस्कृतिक नगरी काशी के संकट मोचन मंदिर में हर वर्ष होने वाले संकट मोचन संगीत समारोह के 99वें संस्करण का आगाज आज होगा। 
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संकट मोचन संगीत समारोह में शिवमणि (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हनुमानजी को समर्पित संकट मोचन संगीत समारोह बुधवार को शताब्दी वर्ष में प्रवेश करेगा। संगीतमय यात्रा में देश के जाने-माने कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। शुरुआत ड्रमर शिवमणि की प्रस्तुति से होगी। यू राजेश मैंडोलिन के साथ जुगलबंदी करेंगे। इस बार संगीत समारोह स्व. पं. जसराज और स्व. पं. राजन मिश्र की स्मृतियों को समर्पित रहेगा।
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संगीत साधक 20 से 25 अप्रैल तक छह दिवसीय संगीतमय यात्रा में शामिल होकर हनुमानजी की संगीत साधना करेंगे। समारोह में प्रतिदिन सात से अधिक कलाकारों की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी, इसमें 15 से ज्यादा पद्म अवॉर्डी शामिल हैं। पं. जसराज के भांजे पं. रतन मोहन शर्मा के अलावा कई शिष्य प्रस्तुतियां देंगे।

प्रतिदिन शाम सात बजे शुरू होगा कार्यक्रम

संकट मोचन संगीत समारोह के इतिहास में पहली बार पं. राजन के बिना पं. साजन मिश्र प्रस्तुति देंगे। पं. विश्वमोहन भट्ट, पं. उल्साह कसालकर, अनूप जलोटा, रोनू मजूमदार, मालिनी अवस्थी, नीलाद्री कुमार, कलापिनी कोमकली, रतिकांत महापात्र और कविता कृष्णमूर्ति भी हनुमत दरबार में हाजिरी लगाएंगे। संगीतमय प्रस्तुति प्रतिदिन शाम सात बजे से शुरू होकर अगले दिन भोर तक चलेगी। हनुमान जयंती के उपलक्ष्य में मंदिर परिसर में मंगलवार को रामायण सम्मेलन का आयोजन किया गया।
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आज इन कलाकारों की प्रस्तुति

आयोजन के पहले दिन शिवमणि, यू राजेश, गौतम काले, विश्वमोहन भट्ट, उल्हास कसालकर, कुमार बोस, प्रसाद खापर्डे, शिराज अली खां, साजन मिश्र हनुमत दरबार में प्रस्तुति समर्पित करेंगे।ॉ

स्वतंत्रता वीरों को समर्पित होगी लाइव पेंटिंग
संकटमोचन संगीत समारोह के दौरान कला दीर्घा में लाइव पेंटिंग में आजादी के अमृत महोत्सव के तहत काशी के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों का चित्रण किया जाएगा। प्रोफेसर विजयनाथ मिश्र ने बताया कि जिसमें ऐसे भी स्वतंत्रता सेनानी मिलेंगे जिनकी कथा तो मिलती है, लेकिन चित्र नहीं मिलते।

उनके भी चित्र अपनी कल्पना से कलाकार कैनवास पर उकेरेंगे। मुख्य रूप से काशी विद्यापीठ के दृश्य कला संकाय के विभागाध्यक्ष प्रो. सुनील विश्वकर्र्मा, अनिल शर्मा के अलावा दृश्य कला संकाय के छात्र-छात्राएं मौजूद रहेंगे।
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