उधर, इस संबंध में दरोगा गौरव का कहना था कि वह जिन्हें खदेड़ रहे थे वह घाट की सीढ़ियों पर बैठ कर नशा कर रहे थे। उनके समीप ही चिलम भी पड़ी थी। इसी वजह से उन्हें लाठी दिखाकर डांटते हुए वह भगा रहे थे। चिलम पीने वाले पर उन्होंने विधिक कार्रवाई क्यों नही की, इस सवाल का जवाब दरोगा के पास नहीं था।