अफसरों की हीलाहवाली से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का वरुणा कॉरिडोर प्रोजेक्ट गति नहीं पकड़ पा रहा है, वहीं नेताओ और अफसरों के गठजोड़ के कारण वरुणा किनारे अवैध निर्माण कराने वाले 892 लोगों पर करीब आठ महीने बाद भी कार्रवाई नहीं हो पाई हैै। इस अवधि में केवल नोटिस भेजे गए हैं और उनके जवाब लिए जा रहे हैं। जानकारों का कहना है कि मौजूदा हालात में अगर कॉरिडोर बन भी जाएगा तो अवैध निर्माण इसकी खूबसूरती को कम करेंगे। बता दें कि योजना पर 201.65 करोड़ रुपये खर्च होने हैं।
शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री सुरेंद्र पटेल और प्रमुख सचिव सिंचाई सुरेश चंद्रा ने शास्त्री घाट पर वरुणा पुल के पास निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। पटेल अब तक अनगिनत बार इस कॉरिडोर का निरीक्षण कर चुके हैं। हर बार निर्देश देते हैं। शुक्रवार को वरुणा के डूब क्षेत्र में अवैध निर्माणों के सवाल पर पूछने पर मंत्री ने कहा कि पहले 500 मीटर तक मॉडल कार्य कराएंगे। अवैध निर्माण इसके बाद ढहाए जाएंगे। मंत्री ने तो यह भी कह दिया, अवैध निर्माण ढहाने के लिए अब जिला स्तरीय कमेटी बनेगी। अगले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कोई विरोध न होने देने और राजनीतिक नुकसान रोकने की गरज से यहीं के रहने वाले राज्यमंत्री की मजबूरी हो सकती है लेकिन सच्चाई यह है कि वीडीए द्वारा जिन लोगों को अवैध निर्माण करने के मामले में नोटिस दिए गए हैं, उनमें से ज्यादातर रसूखदार और राजनीतिक दलों के फाइनेंसर हैं। यही वजह है कि कोई भी पार्टी और नेता जोखिम लेने को तैयार नहीं हैं।
बहरहाल, अब नई योजना के तहत कॉरिडोर के लिए 500 मीटर मॉडल कार्य को पांच दिसंबर तक पूरा कराने की तैयारी की जा रही है। पांच दिसंबर के बाद मुख्यमंत्री से इसका उद्घाटन कराने की योजना है। वरुणा नदी की अविरलता के लिए ज्ञानपुर नगर प्रखंड से पर्याप्त पानी छोड़ा जाएगा। पहली बार प्रोजेक्ट का मुआयना करने आए प्रमुख सचिव ने सीढ़ियों की अधिक ऊंचाई पर नाराजगी जताई। मौके पर साइट कार्यालय होने पर भी उन्होंने सवाल उठाए।
प्रमुख सचिव ने नदी के इस पार से उस पार क्रास फुटब्रिज बनाने के लिए इनलैंड वाटरवेज अथॉरिटी से अनुमति लेकर प्रस्ताव बनाने और लैंडस्केपिंग कराते हुए वरुणा के दोनों पुलों के बीच फौव्वारा लगाने को कहा। नदी में गिरने वाले नालों सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाने का प्रयास करने की जानकारी पर इसे तेज करने को कहा। इस दौरान डीएम योगेश्वर राम मिश्र, सीडीओ पुलकित खरे, एसडीएम सदर आर्यका अखौरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।