जौनपुर शहर के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में शुक्रवार को शिक्षा का स्तर देख डीएम भौंचक रह गए। विद्यालय में कक्षा-8 की छात्राएं यह नहीं बता सकीं कि 69 में दहाई और इकाई क्या है। छठवीं और सातवीं कक्षाओं का भी यही हाल था। विद्यालय में छात्राओं की उपस्थिति कम थी। छह शिक्षक भी अनुपस्थित थे। मिड-डे-मील नहीं बन रहा था। शौचालय में गंदगी का अंबार था। दुर्व्यवस्था से नाराज डीएम ने डीआईओएस को 15 दिनों की मोहलत देते हुए व्यवस्था में सुधार की सख्त हिदायत दी।
डीएम दिनेश कुमार सिंह शुक्रवार की सुबह अचानक विद्यालय में पहुंच गए। परिसर और छात्रावास में झाड़-झंखाड़ देख कड़ी नाराजगी जताई। ईओ आरके प्रसाद को टीम लगाकर विद्यालय की साफ-सफाई कराने का निर्देश दिया। कुल 303 पंजीकृत बच्चों पर 21 अध्यापकों की पर्याप्त संख्या के बावजूद कम बच्चों की कम उपस्थिति पर डीएम ने असंतोष जाहिर किया।
छह शिक्षक भी अनुपस्थित मिले। प्रधानाचार्या जया सिंह ने बताया कि 03 शिक्षक आकस्मिक अवकाश, दो अर्जित अवकाश और एक मेडिकल अवकाश पर है। उन्होंने छात्रावास में वार्डन के नियुक्ति की मांग की। इस पर डीएम ने डीआईओएस को शीघ्र वार्डन की नियुक्ति का निर्देश दिया।
विद्यालय के शौचालय में दरवाजा टूटा होने और गंदगी को दुरुस्त कराने को कहा। कक्षाओं में एलईडी बल्ब न लगाने पर नाराजगी व्यक्ति की। कक्षा 08 की छात्राओं से 69 में ईकाइ एवं दहाई पूछा जिसपर कोई भी छात्रा सही जवाब न दे सकी। डीएम ने डीआईओएस से मिड-डे-मील न बनाए जाने पर स्पष्टीकरण मांगा। 15 दिन में विद्यालय की व्यवस्थाओं को सुधारने के निर्देश दिए।