गाजीपुर जिले के कासिमाबाद थाना क्षेत्र के एक गांव में अपनी मौसी के घर रह रही एक युवती के साथ एक व्यक्ति तीन महीने तक दुष्कर्म करता रहा। युवती के गर्भवती होने पर उस पर गर्भपात कराने का दबाव बनाते हुए ऐसा नहीं करने पर जान से मारने की धमकी दी।
पीड़िता ने थाने में शिकायत की तो पुलिस कार्रवाई के बजाय सुलह के लिए दबाव बनाने लगी। इस पर पीड़िता ने महिला हेल्पलाइन के साथ ही आईजी को घटना की जानकारी दी। जिसके बाद शनिवार को पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
चार जून को पीड़िता ने कासिमाबाद थाने में मुख्य आरोपी सहित दो अन्य के खिलाफ तहरीर दी। पीड़िता ने बताया कि वह मऊ जिले के हलधरपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली है। फिलहाल कासिमाबाद थाना क्षेत्र के एक गांव में अपनी मौसी के घर पर रहती है। उसी गांव के एक शादीशुदा व्यक्ति ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
उसने विरोध किया तो आरोपी ने धमकी दी कि अगर इस घटना से किसी को अवगत कराया तो जान से मार दूंगा। यही नहीं वह तीन माह तक लगातार दुष्कर्म करता रहा। इस बीच युवती गर्भवती हो गई। तीन माह का गर्भ होने पर उसने अपनी मौसी से घटना के संबंध में बताया। मौसी ने परिवार के सदस्यों के साथ उक्त व्यक्ति से पूछताछ की तो उसने धमकी दी कि गर्भपात करा दो। ऐसा नहीं करने पर जान से मार देंगे। पीड़िता ने आरोप लगाया कि थाने में तहरीर देने के बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की उलटे समझौता करने का दबाव बनाने लगी।
इस पर उसने आईजी वाराणसी और 1076 महिला हेल्पलाइन को घटना की जानकारी दी। शनिवार को मुख्य आरोपी सहित अन्य दो के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। प्रभारी निरीक्षक बलवान सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपी नागेंद्र सरोज के साथ ही इस घटना में शामिल जितेंद्र सरोज एवं जितेंद्र विश्वकर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।