पांच दिवसीय समकालीन कला प्रदर्शनी
युवा कलाकारों को कला संस्कृति के इतिहास को संजोकर रखने की जरूरत है। ताकि आने वाली पीढ़ी वास्तविकता से अनजान न रह सके। ये बातें राज्य ललित कला अकादमी के सचिव डॉ. यशवंत सिंह राठौर ने कही। वह बीएचयू के दृश्य कला संकाय में पांच दिवसीय समकालीन कला प्रदर्शनी के शुभारंभ पर बतौर मुख्य अतिथि मौजूद थे।
ललित कला अकादमी एवं दृश्य कला संकाय की ओर से 25 नवंबर तक चलने वाली प्रदर्शनी में अकादमी संग्रह से चयनित कलाकृतियां लगाई गई हैं। इसमें डीपी मोहंती के वाराणसी घाट, दिलीप दास के प्रकृति और विजय एमएल नागर के किंग आफ हिस्ट्रेशर, असित कुमार हाल्दार के जलरंग आदि पर आधारित प्रदर्शनी को देखने विद्यार्थी पहुंचे।
मुख्य अतिथि ने बताया कि अकादमी की ओर से स्थायी कला संग्रह से चयनित कलाकृतियों की प्रदर्शनी प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में करने का निर्णय लिया गया है। प्रदर्शनी का उद्घाटन वित्ताधिकारी डॉ. मार्कंडेय राम पाठक ने किया। संकाय प्रमुख प्रो. हीरालाल प्रजापति ने बताया कि 25 नवंबर तक लोगों के अवलोकनार्थ प्रदर्शनी रहेगी। इस दौरान डॉ. यशवंत राठौर, डॉ. राज पंकज सहित कई लोग मौजूद रहे।