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एटीएम दोपहर में ही दे गए धोखा

Mon, 21 Nov 2016 02:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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गिलट बाजार में रविवार को एक ओर एसबीआई के एटीएम से लोग रुपये निकालते रहे तो उससे सटे पीएनबी के एटीएम में कैश न होने पर बंद रहा।
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नोटबंदी के बाद रुपये के लिए जूझ रही जनता की परेशानियां रविवार को बढ़ गईं। बैंकों में अवकाश था तो कई एटीएम के शटर ही नहीं खुले। जो एटीएम खुले थे, उनमें नोट नहीं भरे गए। नतीजा यह हुआ कि सुबह 11 बजे के बाद ज्यादातर एटीएम के शटर गिरने लगे। दोपहर तक एक के बाद एक 500 से अधिक एटीएम के शटर गिर गए।


सुबह 10:30 बजे बौलिया के पास यूबीआई के एटीएम का शटर गिरा था तो दोपहर 2:30 बजे गिरजाघर के पास एचडीएफसी का भी एटीएम बंद दिखा। दोपहर 12:30 बजे सिद्धगिरी बाग स्थित केनरा बैंक का एटीएम बंद था। कमोबेश शहर के अधिकांश एटीएम का ऐसा ही हाल रहा। यही नहीं, जिन एटीएम से रुपये निकल रहे थे, वे भी दोपहर तक खाली हो गए और शटर गिरा दी गईं। जो खुले थे, वे स्क्रीन पर नो कैश शो कर रहे थे। इसके चलते एक से दूसरे एटीएम के चक्कर काटने के बाद भी लोगों को रुपये हासिल नहीं हो पाए।
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बैंक के एक अधिकारी ने बताया कि एटीएम भरने की जिम्मेदारी जिस एजेंसी को दी गई है, उसने एक से दो बार एटीएम भरे। एटीएम में करेंसी भरने वाली एजेंसी के प्रभारी का कहना था ने कहा कि उनके पास जितने रुपये थे, शनिवार की देर रात तक भर दिए थे। बैंक बंद होने के कारण करेंसी चेस्ट से रुपये मिले नहीं।   
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उधर, ग्रामीण इलाकों में भी लोगों को एटीएम से बिना रुपये के लौटना पड़ा। लोहता इलाके में एसबीआई, यूनियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक आदि का एटीएम तो आठ नवंबर से ही बंद पड़ा है। कछवा रोड स्थित बैंक आफ बड़ौदा, इलाहाबाद बैंक , कारपोरेशन बैंक, यूनियन बैंक  सहित अन्य एटीएम पर दिन भर ताला बंद रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गोद लिए गांव जयापुर में भी एटीएम नहीं खुले, इस वजह से लोगों को परेशानी हुई। इसमें ऐसे लोग भी लाइन में लगे रहे, जिन्हें दो-तीन दिन से बैंक में रुपया भी नहीं मिल सका था।
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