उद्यमियों ने बताया कि आग बुझाने में स्थानीय उद्योगों ने भी अहम भूमिका निभाई। फैक्ट्रियों में लगे हाइड्रेंट सिस्टम से दमकल वाहनों को लगातार पानी उपलब्ध कराया गया। यदि समय रहते यह सहयोग नहीं मिलता तो सीएनजी पंप सहित पूरा औद्योगिक परिसर आग की चपेट में आ सकता था।
आग से बिजली विभाग को भी नुकसान हुआ। विभागीय अधिकारियों के अनुसार चार बिजली पोल जलकर गिर गए, जबकि गेल का एक ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हो गया।
बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए लाइनमैन श्यामलाल समेत कर्मचारियों की टीम सुबह से शाम तक मरम्मत कार्य में जुटी रही। एसडीओ गुलाब चंद ने बताया कि केवल बिजली विभाग को ही करीब एक लाख रुपये का नुकसान हुआ है। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी समीक्षा शुरू कर दी गई है।