गंगा से जुड़े और मामलों की सुनवाई, ब्योरा तलब
एनजीटी ने एनएमसीजी और बाकी मशीनरी से यह भी कहा कि गंगा नदी से जुड़े जो भी दिशा-निर्देश हैं, उनसे संबंधित जवाब तीन सप्ताह में दाखिले करें। इस मामले में 15 दिन में फैसला लेंगे। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से का पक्ष रखा। एनजीटी ने गंगा बाढ़ के मैदानी क्षेत्र के सीमांकन का संपूर्ण ब्योरा भी तीन सप्ताह में तलब किया है।
राज्य प्रदूषण बोर्ड ने नहीं दी थी संचालन की अनुमति
एडवोकेट सौरभ तिवारी ने बताया कि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपने जो जवाब दाखिल किया है, उसमें कहा है कि टेंट सिटी बसाने के लिए एनओसी दी थी, लेकिन ऑपरेशन के लिए कोई प्रमाण पत्र नहीं दिया था।
करीब चालीस करोड़ की आमदनी
जनवरी से जून 2023 के बीच टेंट सिटी का संचालन किया गया था। इस अवधि में करीब 26520 पर्यटक आए और टेंट सिटी में रुके। शादी समारोह के साथ ही कई तरह के आयोजन भी किए गए। रेस्टोरेंट का संचालन भी हुआ। विदेशी कलाकारों के कार्यक्रम भी कराए गए। इन सब आयोजनों से करीब 40 करोड़ से अधिक की आमदनी हुई है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी।
एक नजर
- जनवरी 2023: गंगा उसपार रेरी पर बसाई गई थी टेंट सिटी
- 15 करोड़ से वीडीए ने सीवर, पेयजल और बिजली के किए थे इंतजाम
- दो क्लस्टर में 240 टेंट लगाए गए थे
- न्यूनतम सात हजार और अधिकतम किराया था 50 हजार रुपये रोजाना
- लगभग छह महीने तक किया गया टेंट सिटी का संचालन
- गुजरात की दो कंपनियों को दिया गया था संचालन का जिम्मा