आईआईटी बीएचयू मे समिट मे बोलते प्रो मनींद्र अग्रवाल मुख्य अतिथि
आईआईटी बीएचयू और थिंक इंडिया के तत्वाधान में आयोजित एआई समिट में वक्ताओं ने वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की उपयोगिता पर चर्चा की। इसमें थिंक इंडिया, मेटा, सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग सहित देश के विभिन्न संस्थानों से 350 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। समारोह में मुख्य अतिथि, आईआईटी कानपुर के निदेशक पद्मश्री प्रो. मनींद्र अग्रवाल ने कहा कि एआई का विकास क्रमिक रहा है और भारत में बन रहे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इस तकनीक को नई दिशा दे रहे हैं।
विशिष्ट अतिथि के रूप में ऑनलाइन जुड़े सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि आज भारत तकनीक के क्षेत्र में एक वैश्विक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है। सरकार एआई के नैतिक उपयोग और इसके माध्यम से नागरिक सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग लगातार ऐसे स्टार्टअप्स और शोध कार्यों को प्रोत्साहित कर रहा है, जो ग्रामीण भारत की समस्याओं का समाधान एआई के माध्यम से निकाल सकें। विद्यार्थियों को इस तकनीक का उपयोग डिजिटल डिवाइड को कम करने और एक समावेशी, विकसित भारत बनाने के लिए करना चाहिए।
बीएचयू के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने विद्यार्थियों को कहा कि आज हम जिस दौर में हैं, वहां तकनीक हमारी दिनचर्या का अभिन्न अंग बन चुकी है। प्रत्येक व्यक्ति, और विशेषकर विद्यार्थियों, को पहले यह विश्लेषण करना चाहिए कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रयोग हमारे समाज पर क्या दीर्घकालिक प्रभाव डालने वाला है या नहीं। आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि यदि हम अंग्रेजी में “India” शब्द को उल्टा पढ़ें, तो एआई शब्द सबसे पहले उभरकर आता है। आईआईटी बीएचयू के इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अध्यक्ष प्रो. आरके सिंह और थिंक इंडिया के अखिल भारतीय प्रमुख सुमित पाण्डेय ने एआई पर अपने विचार साझा किए। महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतीहारी के कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव ने कहा कि एआई केवल एल्गोरिद्म का समूह नहीं है, बल्कि यह एक वैचारिक क्रांति है।
काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. एके त्यागी ने कहा कि वर्तमान समय में विश्वविद्यालयों की भूमिका बदल रही है और एआई के समावेश से शोध और नवाचार के नए द्वार खुले हैं। कार्यक्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री अभय प्रताप सिंह, थिंक इंडिया के राष्ट्रीय संयोजक विज्जुल मंगट, आईआईटी बीएचयू के प्रो. संजय कुमार श्रीवास्तव, शांभवी, अभाविप प्रांत संगठन मंत्री अभिलाष, राहुल राणा, अभाविप बीएचयू इकाई अध्यक्ष पल्लव सुमन और अनुराग तिवारी उपस्थित रहे।