वाराणसी। सूरज आग उगल रहा है। दोपहर आसमान से आग बरसती रही और शाम को सूरज के डूबने के बाद भी हवा से आंच का एहसास होता रहा। न घर में चैन था और न बाहर। सड़कों पर देर शाम तक सन्नाटा पसरा रहा। ऐेसे में मौसम में बिजली ने भी खूब झटके दिए।
शहर भर में मंगलवार को ट्रिपिंग होती रही और लोग परेशान रहे। सांस्कृतिक संकुल और दौलतपुर उपकेंद्र से जुड़े इलाके में तो सारी रात बिजली गुल रही। नरायनपुर में ट्रांसफार्मर जलने से क्षुब्ध नागरिकों ने शाम को नरायनपुर-सुसुवाहीं मार्ग पर डेढ़ घंटे यातायात रोके रखा।
बाबतपुर मौसम कार्यालय में अधिकतम तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया जबकि पारे का न्यूनतम स्तर 30 डिग्री रहा। सुबह से ही चटख और तल्ख धूप का एहसास लोगों को होता रहा। करीब 12 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चली उत्तर-पश्चिम की हवाओं से हवाओं से सेंक लगती रही।
शाम पांच बजे तक पारा 44 डिग्री से ऊपर ही रहा। न्यूनतम तापमान के चढ़ने की वजह से न तो घर में लोगों को चैन मिल रहा और न बाहर। पशु-पंछी तक इस मौसम में बेहाल हो गे हैं। बीएचयू के कृषि मौसम सेवा इकाई के कोआर्डिनेटर प्रो. आरएस सिंह के मुताबिक जल्द ही मौसम के करवट बदलेगा और राहत मिल जाएगी।
भीषण गर्मी के मौसम में बिजली ने भी खूब आंखमिचौली की। मांग बढ़ने के कारण सिगरा, चेतगंज, वरुणापार, लहरतारा, बौलिया सहित तमाम इलाकों में बिजली की आवाजाही बनी रही।
तार टूटने, डिस्क पंचर होने और ट्रांसफार्मर का डीओ उड़ने की वजह से बिजली आती-जाती रही। आशापुर से लेढ़ूपुर के बीच डिश पंचर होने के कारण दौलतपुर और सांस्कृतिक संकुल उपकेंद्र रात 12 से सुबह छह बजे तक बंद रहे। वरुणा गार्डेन में भी बस बार की खराबी से दिन भर आपूर्ति ठप रही।