मुख्यमंत्री के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट वरुणा कॉरिडोर को मूर्त रूप देने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं। इसके तहत शास्त्रीघाट से चौकाघाट पुल के बीच नदी की ड्रेजिंग की कार्ययोजना दो दिन में तैयार कर ली जाएगी। कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण ने शनिवार को नदी किनारे निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सिंचाई विभाग के अभियंता को निर्देश दिया कि जल्द से जल्द कार्ययोजना उन्हें उपलब्ध कराई जाए। इसके बाद जल्द ही नदी की ड्रेजिंग शुरू करा दी जाए।
कमिश्नर ने वरुणा के जलप्रवाह के लिए चैनल गेट बनाने का निर्देश दिया। एसडीएम सदर को निर्देश दिया कि नदी के दोनों तरफ सीमांकन कार्य दो दिन के भीतर हर हाल में पूरा कर लिया जाए। सीमांकन के दौरान लगने वाले पिलर पर लाल निशान भी लगाया जाए। साथ ही, मौके पर आवश्यक सूचना का बोर्ड लगाया जाएगा। इस पर लिखा जाए कि वरुणा के इस क्षेत्र में कूड़ा फेंकना, निर्माण सामग्री रखना प्रतिबंधित है। इसका उल्लंघन करने वालों पर अर्थदंड लगाया जाए और कड़ी कार्रवाई की जाए।
वरुणा नदी किनारे दोनों तरफ एकत्र कूड़ा और स्थानीय लोगों की ओर से रखी निर्माण सामग्री को हटवाने के लिए उन्होंने नगर निगम को निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने किसी भी दशा में इस क्षेत्र में कूड़ा डंप न करने की हिदायत दी। निरीक्षण के दौरान वीडीए सचिव एमपी सिंह, एसडीएम सदर आर्यका अखौरी के अलावा नगर निगम, जल निगम, वीडीए, सिंचाई विभाग के अधिकारी शामिल रहे।