हस्त कला संकुल में एक जिला एक उत्पाद प्रदर्शनी में पहुंचे प्रदेश के लघु उद्योग मंत्री चौधरी उदयभ?
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वाराणसी। जीआई उत्पाद प्रदर्शनी के दौरान शिल्पियों का हुनर देश ही नहीं विदेशों में भी डंका बजा रहा है। यह हमारे लिए गर्व के सामान है। इस कोरोना काल में भी शिल्पियों का हुनर देखने को मिला। इस प्रदर्शनी में आकर यह देखने को मिला कि आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो रहा है। उक्त बातें प्रदेश के लघु उद्योग मंत्री चौधरी उदयभान सिंह ने बुधवार को बड़ालालपुर स्थित टीएफसी में आयोजित जीआई उत्पाद प्रदर्शनी के दौरान लाभार्थियों को टूल किट वितरण में कहीं।
यूपी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल व फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की ओर से आयोजित जीआई उत्पादों की प्रदर्शनी में पहुंचे राज्यमंत्री उदयभान सिंह ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत 300 व ओडीओपी प्रशिक्षण के 300 लाभार्थियों को हैंडलूम टूलकिट प्रदान किया। तीसरे दिन जीआई उत्पाद के हस्तशिल्पियों और उत्पादकों के लिए आयोजित ट्रेनिंग सेशन में पैकेजिंग का महत्व और पैकेजिंग में प्रौद्योगिकी के नए तरीके व डिजाइन विकास और उन्नयन की आवश्यकता, उपभोक्ता मांग के अनुसार डिजाइन सुधार की आवश्यकता व हस्तकला क्षेत्र में तकनीकी उन्नयन विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
हैंडलूम एंड टेक्सटाइल के असिस्टेंट कमिश्नर नितेश धवन ने जीआई उत्पादों की जीवनशैली में बदलाव के साथ पैकेजिंग में आने वाले बदलाव पर जानकारी दी।
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ बाबूराव गुडुरी ने कहा कि बिना पैकेजिंग के न तो उत्पाद बेचा जा सकता है न निर्यात किया जा सकता है, ताकि उत्पाद आप के गंतव्य तक सुरक्षित पहुंच सके। निफ्ट के अस्सिटेंट प्रोफेसर सुनीता कुमारी ने अपने व्याख्यान में डिजाइन और हस्तकला के क्षेत्र में उन्नयन की आवश्यकता को समझाया। कहा कि समय और उपभोक्ताओं की जरूरत के हिसाब से डिजाइन में बदलाव न आने से हस्तशिल्पियों को मिलने वाले लाभ में गिरावट आती है, जिससे इस क्षेत्र के कारीगरों और बुनकरों का पलायन शुरू हो जाता है, जो एक गंभीर समस्या है। यह पलायन कभी-कभी किसी न किसी पारंपरिक कला ले विलुप्त होने का कारण बन जाता है। इसलिए यह आवश्यक है कि कारीगरों और बुनकरों के हित में एक व्यापक कार्यक्त्रस्म बनाया जाए ताकि उन्हें सामयिक प्रशिक्षण दिया जा सके, यह हमारी पारंपरिक और सांस्कृतिक विरासत को बचाने का समय है। कार्यक्रम में डिप्टी कमिश्नर इंडस्ट्रीज वीरेंद्र कुमार, एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के डिप्टी कमिश्नर उमेश चंद्रा सहित फिक्की के स्टेट हेड अमित गुप्ता आदि मौजूद रहे।
सिद्धार्थनगर के काला चावल की बढ़ी मांग
ज्वाइंट कमिश्नर इंडस्ट्रीज उमेश सिंह ने बताया कि सिद्धार्थनगर का काला नमक चावल भी प्रदर्शनी में खूब पसंद किया जा रहा है। मांग इतनी अधिक है कि शहर के एक पांच सितारा होटल ने 200 किलोग्राम काला नमक चावल का आर्डर दिया है।