वाराणसी। अनूसूचित जनजाति के कारीगरों को हस्तकला का तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। दो माह तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में बनारस के साथ ही पूर्वांचल के देवरिया, गाजीपुर, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र, आजमगढ़ के लगभग 280 लाभार्थी होंगे। उत्तर प्रदेश डिजाइन एवं अनुसंधान संस्थान (इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन एंड रिसर्च) की ओर से यह प्रशिक्षण दिया जाना है।
बुधवार से काशी में आदिवासी इस प्रशिक्षण शुभारंभ हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 14 डिजाइन विशेषज्ञ हस्तकला तकनीकी की बारीकियां बताएंगे। इस दौरान सात जिलों केशिल्प को प्रदर्शित भी किया जाएगा। अस्सी घाट पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के लघु उद्योग व प्रोत्साहन मंत्री उदयभान सिंह ने कहा कि हस्तकला प्रशिक्षण से आदिवासी कारीगरों का रोजगार सृजन होगा।
यूपीआईडीआर की अध्यक्ष क्षिप्रा शुक्ला ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद आदिवासी कारीगर भी अपने हुनर से नई मिसाल कायम करेंगे। आदिवासी कारीगरों के बनए हुए उत्पाद की मार्केटिंग के लिए संस्थान पूरी मदद करेगा। कार्यक्रम में प्रदेश कोषाध्यक्ष मनीष कपूर, महानगर अध्यक्ष विद्यासागर राय, जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, जिला महामंत्री नवीन कपूर, जगदीश त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।