राशन वितरण केंद्रों और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर घटतौली की शिकायतें बढ़ गई थीं। विधिक माप विज्ञान (बाट माप) विभाग ने 2020-21 में मापतौल यंत्रों का सत्यापन और लाइसेंस जारी एक करोड़ 43 लाख का राजस्व प्राप्त किया। जो लक्ष्य के सापेक्ष 11 लाख रुपये अधिक है। वहीं, 776 मामलों में अलग-अलग धाराओं में 36 लाख 99 हजार 500 रुपये का जुर्माना भी वसूला गया। जबकि 61 मामले कोटेदारों के खिलाफ थे जिनसे विभाग को एक लाख 47 हजार रुपये का जुर्माना और राजस्व मिला।
जिला बाट माप के प्रभारी एनपी दुबे ने बताया कि कोरोना महामारी में समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) पोर्टल पर मिली शिकायतों के अलावा विभाग ने औचक निरीक्षण कर 776 मामलों की जांच की। जिसमें घटतौली करने वाले और अन्य मामलों में 58 के खिलाफ कार्रवाई हुई। वहीं, 2021-22 में एक करोड़ 45 लाख रुपये लक्ष्य के सापेक्ष अप्रैल से 31 जुलाई तक 32 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ है। जिसमें 136 मामलों में छह लाख 95 हजार रुपये का जुर्माना भी शामिल है। 69 शिकायतें आईजीआरएस पर मिली थी। बाकी अधिकारियों के व्यक्तिगत जांच में कार्रवाई हुई है।
आसान है मापतौल यंत्रों की मरम्मत और सत्यापन
सहायक नियंत्रक अशोक कुमार ने बताया कि वाराणसी मंडल के सभी जिलों में घटतौली रोकने और व्यापारियों की सुविधा के लिए बाट माप विभाग ने तौल संबंधित यंत्रों का सत्यापन और मरम्मत काफी आसन किया है। बनारस में भी व्यापारियों की सुविधा के लिए 100 के करीब लाइसेंसी मरम्मत कर्ता काम कर रहे हैं। व्यापारी अपनी इच्छानुसार माप तौल यंत्रों की मरम्मत करा सकते हैं। इसके अलावा चौकाघाट और लहुराबीर स्थित कार्यालय में भी व्यापारी खुद आकर यंत्रों का सत्यापन करा सकते हैं। जिसके लिए 50 रुपये से भी कम फीस देनी पड़ती है।