पूर्वोत्तर रेलवे के मंडल कार्यालय और डीरेका से जुड़े ठेकों पर पूर्वांचल का एक माफिया सिंडिकेट अपना एकाधिकार चाहता है। सिंडिकेट का पूरा प्रयास यह रहता है कि बनारस और आसपास के जिलों में रेलवे के जो भी ठेके निकलें, उस पर उससे जुड़े लोगों का वर्चस्व हो।
जरायम की दुनिया के दबदबे के दम पर रेलवे के साथ ही पीडब्ल्यूडी के ठेकों, रियल इस्टेट, मोबाइल टावरों में डीजल आपूर्ति और वाहन स्टैंडों तक से प्रत्येक महीने लाखों-करोड़ों का वारान्यारा करने वाले माफिया सिंडिकेट की कुंडली तैयार की जा रही है। इसमें उन बदमाशों को भी शामिल किया जा रहा है जो गिरोह बना कर व्यापारियों से रंगदारी वसूलते हैं। पुलिस के अनुसार, पर्याप्त साक्ष्य जुटा कर ऐसे लोगों के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। इनमें से जो जेल में निरुद्ध हैं, उनके खिलाफ दर्ज अन्य मामलों की जमानत अर्जी निरस्त कराने के लिए अदालत में प्रभावी तरीके से पैरवी की जा रही है।