अस्थि कलश गंगा में विसर्जित करते।
- फोटो : अमर उजाला
घर के अंदर नहीं गए पं. साजन मिश्र
पं. राजन मिश्र का अस्थि कलश कबीरचौरा स्थित पैतृक आवास के बाहर चबूतरे पर दर्शन के लिए रखा गया था। पंडित साजन मिश्र ने बताया कि मृत्यु के बाद के कर्मकांड दिल्ली में किए जा रहे हैं। घंट भी दिल्ली में ही बांधा गया है। इसलिए अस्थि कलश लेकर वह अपने घर में नहीं गए। बाहर ही रहे। अस्थियों का विसर्जन करने के बाद वह पुन: कबीरचौरा लौटे। घर के बाहर दो से तीन घंटे चबूतरे पर बैठे रहे। शोक जताने के लिए आने वाले लोगों से वहीं मुलाकात की। शाम को विमान से दिल्ली लौट गए।