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Varanasi: एग डोनेट करने वाली किशोरी का फर्जी आधार कार्ड बनाने वाला आरोपी पकड़ाया, आरोपी गिरफ्तार

Fri, 17 Nov 2023 03:29 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

नक्खीघाट इलाके की एक महिला ने बीते 29 अक्तूबर को महिला थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। महिला के अनुसार, उसके मोहल्ले में रहने वाले आशीष कुमार की पत्नी सीमा देवी ने उसकी 17 वर्षीय बेटी को कृत्रिम गर्भाधान के लिए एग डोनेट करने को कहा। बदले में 30 हजार रुपये देने का लालच दिया।
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गिरफ्तार चारों आरोपी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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पैसे का लालच देकर कृत्रिम गर्भाधान के लिए महमूरगंज स्थित एक आईवीएफ सेंटर में किशोरी का एग डोनेट करा कर नि:संतान दंपती को बेचने के मामले में बृहस्पतिवार को महिला थाने की पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान बिहार के कैमूर जिला के सौंस्डीह खनेठी के मूल निवासी और शिवाजी नगर कॉलोनी महमूरगंज में रहने वाले आशीष यादव के रूप में हुई है। आशीष पर आरोप है कि जिस किशोरी का एग डोनेट कराया गया था, उसका फर्जी आधार कार्ड उसने ही बनाया था। इससे पहले इस मामले में बुधवार को एक दंपती सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।

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नक्खीघाट इलाके की एक महिला ने बीते 29 अक्तूबर को महिला थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। महिला के अनुसार, उसके मोहल्ले में रहने वाले आशीष कुमार की पत्नी सीमा देवी ने उसकी 17 वर्षीय बेटी को कृत्रिम गर्भाधान के लिए एग डोनेट करने को कहा। बदले में 30 हजार रुपये देने का लालच दिया। इसके बाद उसकी बेटी की मांग में सिंदूर लगाकर और मंगलसूत्र पहनाकर उसे महमूरगंज क्षेत्र स्थित एक आईवीएफ सेंटर ले जाया गया। वहां फर्जी आधार कार्ड दिखाकर उसका एग डोनेट कराया गया। इसके लिए उसे 11600 रुपये दिए गए। मुकदमा दर्ज कर महिला थाना प्रभारी निकिता सिंह ने सीमा देवी व आशीष और खोजवा की अनीता देवी व तुलसीपुर में रहने वाले अनमोल जायसवाल को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आई जानकारी के आधार पर आशीष यादव गिरफ्तार किया गया।

नोटिस जारी कर संचालक और कर्मियों से की जाएगी पूछताछ

एसीपी कोतवाली अमित कुमार पांडेय ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को पैसे का लालच देकर कृत्रिम गर्भाधान के लिए एग डोनेट कराने वाले गिरोह का नेटवर्क बड़ा है। आईवीएफ सेंटर के डॉक्टरों और कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। पुलिस की ओर से नोटिस जारी कर संबंधित आईवीएफ सेंटर के कर्मियों और डॉक्टरों से पूछताछ की जाएगी। जिन पांच आरोपियों को जेल भेजा गया है, उनसे पूछताछ के लिए जरूरत पड़ने पर अदालत से कस्टडी रिमांड मांगी जाएगी। पुलिस की विवेचना जारी है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकरण से संबंधित कई तकनीकी पहलू स्वास्थ्य विभाग से संबंधित हैं। विवेचना में स्वास्थ्य विभाग की टीम से भी सहयोग लिया जाएगा।
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जो जानकारी मांगेंगे, वह मुहैया कराएंगे

सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि पुलिस की ओर से जो जानकारी मांगी जाएगी, वह उन्हें मुहैया कराई जाएगी। इसके साथ ही शहर में संचालित होने वाले सभी आईवीएफ सेंटर के पंजीकरण संबंधी फाइल की नए सिरे से जांच कराई जाएगी। औचक निरीक्षण कर यह भी देखा जाएगा कि कहीं कोई गड़बड़ी तो नहीं हो रही है।

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