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रोक लगने के बाद भी बेची जा रहीं थाई मांगुर मछलियां, मत्स्य कारोबार पर डीएम ने मांगा जवाब

Sun, 05 Jul 2020 11:45 AM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
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थाई मांगुर मछली। - फोटो : amar ujala
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वाराणसी में मत्स्य व्यापार में अवैध क्रियाकलापों व वसूली किए जाने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने सहायक निदेशक मत्स्य से जवाब तलब किया है। अवैध कामों में शामिल लोगों पर भी किसी तरह की कार्रवाई नहीं होने पर सहायक निदेशक मत्स्य रवीन्द्र सिंह को आरोप पत्र जारी कर सात दिन में जवाब देने की मोहलत दी है।

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जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने सहायक निदेशक मत्स्य को जारी आरोप पत्र में पूछा है कि ग्राम रमना, ग्राम उंदी व कैंट स्थित बांग्ला नंबर-51 में अवैध रूप से मत्स्य व्यापार किया जा रहा है। प्रतिबंधित थाई मांगुर मछलियां बेची जा रही हैं। इसके साथ ही ग्राम उंदी में ये प्रतिबंधित मछलियां पट्टे के तालाब में पाई गई हैं। इससे प्रतीत होता है कि अवैध मछलियों का पालन रोकने की कोई कार्यवाही सहायक निदेशक मत्स्य द्वारा नहीं की गई। इस घटना के बाद भी उनके द्वारा लापरवाही बरती जा रही है।


पुलिस कार्यवाही के बाद भी सहायक निदेशक मत्स्य ने अपने स्तर से कोई इंफोर्समेंट की कार्यवाही नहीं की। वाराणसी में पकड़ी गई प्रतिबंधित मछलियां किस-किस मत्स्य निरीक्षक के क्षेत्र से संबंधित है, उनके नाम व पदनाम, संबंधित क्षेत्र में तैनाती अवधि आदि की भी सूचना भी नहीं दी गई। जिम्मेदार मत्स्य निरीक्षकों पर भी अब तक कोई कार्यवाही भी प्रस्तावित नहीं की गई है। जिलाधिकारी ने बताया कि जवाब के लिए सात दिन का समय दिया गया है। इसके बाद विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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थाई मांगुर प्रजाति की मछलियों की बिक्री एवं प्रसार प्रतिबंधित
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 के तहत थाई मांगुर प्रजाति की मछलियों की बिक्री और प्रसार को प्रतिबंधित किया है। उन्होंने आदेश दिया है कि मत्स्य बीज बाहर से लाकर वाराणसी में स्थित तालाबों में न तो डालेगा और न ही ऐसा करने के लिए किसी को प्रेरित करेगा। कोई भी व्यक्ति थाई मांगुर प्रजाति की मछलियों की बिक्री वाराणसी में नहीं करेगा। थाई मांगुर मत्स्य प्रजाति के कारण प्रदेश में जल स्वास्थ्य पर खतरा है। यदि इन मछलियों के पालन को प्रतिबंधित नहीं किया गया तो जलीय वनस्पति एवं जलीय जीव समाप्त हो जाएंगे।
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