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बीएचयू उपद्रवः 28 सितंबर तक विश्वविद्यालय बंद, खाली कराए जा रहे छात्रावास, 24 घंटे का अल्टीमेटम

Wed, 26 Sep 2018 09:51 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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बिड़ला छात्रावास के बाहस डीएम और एसएसपी - फोटो : अमर उजाला
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बीएचयू में बीती रात हुए उपद्रव के बाद से परिसर में तनावपूर्ण शांति है। कैंपस में जगह जगह पर फोर्स पर तैनात है। जूनियर डाक्टरों और तीमारदारों के बीच हुए विवाद के जिस तरह से दो छात्रावासों के बीच झड़प हुई उससे एक बार फिर से चिंता बढ गई है। मंगलवार सुबह से अबतक कुलपति और चीफ प्रॉक्टर के संग जिले के तमाम आला अधिकारी लगातार संपर्क में है।
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वाराणसी मंडलायुक्त, डीएम और एसएसपी से कई राउंड की बैठक के बाद बीएचयू प्रसासन ने कड़ा फैसला लिया। विवि प्रशासन की ओर से एलबीएस, रुइया एनेक्सी और धन्वंतरि हॉस्टल खाली कराने के आदेश जारी कर दिए गए। इसके लिए छात्रों को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है। इसी बीच बीएचयू प्रशासन ने 28 सितंबर तक विश्वविद्यालय में अवकाश घोषित कर दिया है। 

इधर हॉस्टल खाली करने के आदेश के बाद फिसे बवाल की आशंका है। इस फैसले के विरोध में छात्र मुखर हो रहे हैं। बिड़ला सहित तीनों हॉस्टल के छात्र सड़क पर उतर आए हैं। 
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इधर बीच,  जूनियर डॉक्टरों की अघोषित हड़ताल के चलते चिकित्सकीय सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हैं। सर सुंदर लाल अस्पताल के इमरजेंसी में पहुंच रहे मरीजों को लौटा दिया जा रहा है तो वहीं ट्रामा सेंटर की ओपीडी अब तक नहीं खुली है। ओपीडी का निबंधन काउंटर भी बंद है। मरीज घंटों से ओपीडी का शटर खुलने का इंतजार कर रहे हैं।

ट्रामा सेंटर की इमरजेंसी भी बंद थी मगर काफी समझाने बुझाने के बाद 10 बजे के बाद शुरू हो पई।  सोमवार शाम जूनियर डॉक्टर और आर्ट्स फैकल्टी के छात्रों के बीच झगड़ा और बाद में पुलिस द्वारा जूनियर डॉक्टरों पर लाठीचार्ज से चिकित्सकीय सुविधाएं सुबह पूरी तरह से ठप हो गईं।

सुबह जूनियर डॉक्टरों को समझाने का प्रयास असफल रहा। उन्होंने सुरक्षा की मांग करते हुए वार्ता करने से मना कर दिया। साथ ही आगे की वार्ता के लिए बीएचयू प्रशासन को धनवंतरी हॉस्टल बुलाया। उधर, ट्रामा सेंटर की सारी सेवाएं मंगलवार भोर से ठप कर दी गईं। सर सुंदर लाल अस्पताल में सीनियर डॉक्टरों ने ओपीडी में मरीज देखना शुरू किया जरूर पर हड़ताल का असर साफ नज़र आ रहा था।

केवल खानापूर्ति होती रही। मरीजों की लंबी कतार लगी रही। लोगों को वापस लौटाया जा रहा है। इमरजेंसी में गंभीर मरीजों को लेकर पहुंच रहे तीमारदारों को हड़ताल कर वापस लौटा दिया जा रहा है। जब उन्होंने ईलाज की गुहार लगाई तो उनके साथ डाक्टरों ने दुर्व्यवहार भी किया।

दूसरे जिले, प्रांतों से आए लोग ओपीडी का चक्कर लगाते दिखे और व्यवस्था को कोसते नजर आ रहे हैं। इस बीच अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो वीएन मिश्र ने घटना पर अफसोस और दुख जाहिर करते हुए कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने संकट को देखते हुए कहा कि डॉक्टर क्राइसिस ग्रुप का गठन किया है। फिलहासल चिंता इस बात की ही कि मरीजों को परेशानी न हो। 
 

रात भर रणभूमि बना रहा बीएचयू

देर रात बिगड़ा माहौल, हड़ताल पर जा सकते हैं जूनियर डॉक्टर - फोटो : अमर उजाला

बीएचयू में छात्राओं पर हुए लाठी चार्ज की बरसी पर रविवार को छात्र और छात्राओं के बीच हुए झड़प का मामला सांत भी नहीं हुआ कि   दूसरे दिन सोमवार को भी रणक्षेत्र बन गया। रात नौ बजे सर्जरी वार्ड में जूनियर डॉक्टर व महिला मरीज के बीच नोक-झोंक से शुरू बवाल देर रात में हिंसक हो गया। मामला थाने पहुंचा और वहां भी मारपीट हो गई।

प्रभारी निरीक्षक के साथ गालीगलौज और धक्कामुक्की की गई। बवाल फिर बीएचयू परिसर में फैल गया। हॉस्टल पर हमला, तोडफ़ोड़ और आगजनी की घटना से परिसर में दहशत का आलम रहा। पथराव और मारपीट में कई छात्र घायल भी हुए हैं। बीएचयू प्रशासन मूक दर्शक बना रहा। आरोप यह भी है कि चीफ प्रॉक्टर रॉयना सिंह ने खुद को कमरे में बंद कर लिया था।

पिटते डॉक्टरों ने मदद की गुहार लगानी चाही। लेकिन उनका फोन नहीं उठा। आरोप यह भी है कि दो छात्रों को रात भर हास्टल में बंधक बनाया गया जिनको सुबह पुलिस ने छुड़ाया। मरीज के लिए बेड न होने की बात कहने पर  शाम को पहले जूनियर डॉक्टरों से छात्रों ने मारपीट की उसके बाद डॉक्टरों ने छात्रों को पीट दिया।

दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। फिर देर रात बवाल बढ़ गया छात्रों ने एकत्रित होकर जमकर उपद्रव किया। एलडी गेस्ट हाउस के पास पुलिस बूथ को जला दिया, हिंदी विभाग के पास आगजनी की। एसबीआई के एटीएम को तोड़ डाला और दो बाइक जला दीं। पेट्रोल बम चलाए गए और फायरिंग भी की। पथराव में आधा दर्जन से अधिक छात्र घायल हो गए।
 
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उत्पाती छात्रों पर पुलिस ने जमकर बरसाई लाठियां

रात के अंधेरे का फायदा उठाकर छात्रों ने मचाया उत्पात - फोटो : अमर उजाला
जूनियर डाक्टरों और युवकों में हुआ बवाल देर रात बढ़ गया। शिकायत थाने तक पहुंची तो बीएचयू के दो हॉस्टल आमने-सामने आ गए। बिड़ला और धन्वंतरी हॉस्टल के छात्र एक दूसरे पर पथराव करने लगे। पथराव के बाद चीफ प्राक्टर और प्रशासनिक अधिकारी के सामने ही दो बाईकों में आग लगा दी।

हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस ने जमकर लाठियां बरसाई और उपद्रवियों को वहां से तितर- बितर किया।  पूरे परिसर में अराजकता का माहौल था। जब विश्वविद्यालय प्रशासन से मोर्चा नहीं संभाला गया तो पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया।

मंगलवार अहले सुबह वाराणसी डीएम सुरेंद्र सिंह और एसएसपी आनंद कुलकर्णी भी मौके पर पहुंचे। यहां बिडला हॉस्टल के छात्रों की शिकायत पर धंवंतरी छात्रावास में बंधक बनाये गये दो छात्रों को मुक्त कराया । 
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