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एक बार में एक साथ दस नावें सीएनजी से हो जाएंगी फुल

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गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में गेल इंडिया की ओर से खिड़किया घाट पर तैयार सीएनजी स्टेशन से एक बार में एक साथ दस नावों में सीएनजी भर जाएगी। स्टेशन पर पांच डिस्पेंसर लगे हुए हैं। गेल के उप महाप्रबंधक गौरी शंकर मिश्रा ने बताया कि एक डिस्पेंसर में दो नोजल लगे हैं। इस तरह एक बार में पांच डिस्पेंसर के जरिए दस नावों में सीएनजी फिलिंग की जा सकती है। 260 से अधिक नावों को सीएनजी से लैस किया जा चुका है। टेस्टिंग के तौर पर पिछले दो दिन में 700 मोटरबोट में सीएनजी फिलिंग की गई। इस स्टेशन की खासियत यह है कि बाढ़ के दिनों में बड़े आराम से हटाया भी जा सकता है। स्टेशन जेटी पर तैयार है, जो गंगा में तैरता रहता है।
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सीएनजी स्टेशन का शुभारंभ 23 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों प्रस्तावित है। इसके बाद गंगा की लहरों पर अधिकतर नावें और मोटरबोट सीएनजी से लैस होकर चलेंगे। गेल और नगर निगम की मंशा है कि नए साल से गंगा में सिर्फ सीएनजी नाव और मोटरबोट ही दिखें। गेल इंडिया और मेकान कंपनी की ओर से सीएनजी स्टेशन के शुभारंभ को देखते हुए अन्य सभी तैयारियां मुकम्मल कर ली गई हैं। यहां ऊपरी हिस्से में कार और कामर्शियल वाहनों में सीएनजी और तैरते सीएनजी स्टेशन से मोटरबोट, बजड़े में सीएनजी भरी जाएगी।
एक ही जगह पर मोटरबोट, कार और कामर्शियल वाहनों में भरी जाएगी सीएनजी
घाट पर बने गेल कंपनी के सीएनजी रिफिलिंग स्टेशन को चौबीस घंटे चलाया जाएगा। यहां से मोटरबोट के अलावा कार और कामर्शियल वाहनों में सीएनजी की रिफलिंग की जाएगी। फिलहाल मोटर बोट में टेस्टिंग के तौर पर सीएनजी रिफिलिंग का काम सीएनजी पंप से शुरू कर दिया गया है।
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फेज वन में बनकर तैयार हुआ सीएनजी पंप
खिड़किया घाट पर चल रहे निर्माण कार्य को दो फेज में बांटा गया है, जिसमें से फेज वन का काम 23 दिसंबर के पहले पूरा कर लिया जाएगा। फेज वन में घाट पर सीएनजी पंप, राजघाट तक ट्रैक, गार्डन, बेंच और मैदान बनाया गया है। वहीं फेज टू में आदिकेशव घाट के बीच हेलीपैड, विसर्जन कुंड, सभा हॉल, योगा सेंटर, चिल्ड्रेन पार्क, जॉगिंग ट्रैक सहित अन्य का निर्माण किया जाएगा।
घाट को रोशन करने के लिए अलग से दी गई विद्युत सप्लाई
रात होते ही अंधेरे में डूब जाने वाला घाट अब आकर्षक विद्युत लाइटों से जगमग होगा। एसडीओ काशी अमित श्रीवास्तव ने बताया कि घाट पर विद्युत सप्लाई के लिए पर्यटन विभाग और स्मार्ट सिटी योजना के तहत ट्रांसफार्मर लगाया गया है, जिससे घाट की लाइटिंग और बिजली से चलने वाले उपकरणों को सप्लाई दी गई है।
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