वाराणसी। कजरी, गीत और मल्हार। हरी साड़ी और सोलह शृंगार। मेहंदी रचे हाथ, झूलों पर सखियों का साथ। कुछ ऐसे ही नजारे शनिवार को शहर में हर ओर नजर आए। शनिवार को धूमधाम से हरियाली तीज मनाई गई। पारंपरिक परिधानों संग साज-शृंगार में सजी महिलाओें का उल्लास, उमंग और उत्साह देखते ही बन रहा था। ब्यूरो
अखिल भारतीय केशवानी वैश्य महिला सभा का तीजोत्सव एवं सावन का कार्यक्रम ‘राजस्थानी महारानी सा’ शनिवार को भेलूपुर स्थित होटल में बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। राजस्थानी थीम पर आयोजित कार्यक्रम में सभी महिलाएं राजस्थानी संस्कृति और साज-शृंगार में सजी हुई थीं। गीत-संगीत से सजे इस कार्यक्रम में आई शुभ घड़ी देखो मेरे आंगन आज री..., प्रेम रतन धन पायो मैंने..., और घूमर गीतों पर नृत्य पेश हुआ। राजस्थानी थीम पर हाउजी और तंबोला भी खेला गया। कजरी जुगलबंदी में पिया मेहंदी लियाईया मोती झील से... पर पल्लवी और बॉबी ने सभी को मुग्ध कर दिया तो सासू लड़ मत पर रजनी और बबिता ने सभी को खूब झूमाया। मुख्य अतिथि डॉ. श्वेता एवं डॉ. प्रतिभा रहीं। इस अवसर पर सरोज केशरी, बॉबी, हर्षिता, विनिता, नैना, श्वेता, ज्योति, खुशबू, बबीता, राजकुमारी, प्रमिला आदि उपस्थित रहीं।
सिंधु विकास समिति की ओर से शनिवार को सिगरा में हरियाली तीज उत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें पारंपरिक परिधानों में सजधज कर आई महिलाएं मस्ती संग तीज के रंग में सराबोर रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत आर्केस्ट्रा की टीम द्वारा मां के भजनों से हुई। जिसके बाद महिलाओं और युवतियों ने अपने नृत्य के जरिये नारी शक्ति का एहसास कराया। महिषासुर मर्दनी थीम पर आधारित नृत्य नाटिका के जरिए जहां मां दुर्गा की स्तुति की गई। वहीं नव दुर्गा गीत पर महिलाओं ने उनका आह्वान किया। संयोजन रोशनी हिरानी, सीमा रमानी, रिया केशवानी, सिमरन केशवानी का रहा। इस अवसर पर अध्यक्ष पल्लवी मुरझानी, अंजली चागंरानी आदि मौजूद रहीं।
वनिता इंस्टीट्यूट आफ फैशन एंड टेक्नोलॉजी में शनिवार को हरियाली महोत्सव में छात्राओं ने गायन और नृत्य में धमाल मचाया। सावन आया झूम के कार्यक्रम में हाथों पर मेहंदी रचवाई और तीज क्वीन प्रतियोगिता में भी बढ़ चढ़कर भागीदारी की। बतौर मुख्य अतिथि सुगंधा श्रीवास्तव, विशिष्ट अतिथि कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत कर उन्हें तीज त्योहार की परंपराओं को संजोए रखने का आह्वान किया। इस दौरान इंस्टीट्यूट की मानद निदेशिका प्रो. अन्नपूर्णा शुक्ला के साथ ही उपसमिति की सदस्य नंदिनी भार्गव, संयोजक प्रो. राय कल्याण कृष्ण, वीणा अग्रवाल, देवदास अग्रवाल, डॉ. रूबी साह, अरविंद शुक्ला, सचिन पाठक आदि मौजूद रहे।