छेड़खानी व हत्या के प्रयास में एक गिरफ्तार
कोतवाली थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले में छेड़खानी का विरोध करने पर अनुसूचित जाति की किशोरी को छत से फेंककर हत्या का प्रयास करने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
मोहल्ले की एक किशोरी 20 सितंबर की रात आठ बजे कुछ सामान लेने के लिए जा रही थी। उसी समय एक भवन में दूसरे तल पर चल रहे जिम संचालक ने उसे उसे कुछ बात करने के लिए बुलाया। किशोरी के वहां पहुंचने पर पहले से बैठे कुछ लोगों ने उससे छेड़खानी की। जब उसने विरोध किया तो उसे जान से मारने की नीयत से सभी ने दूसरे तल से नीचे फेंक दिया। इसके बाद सभी फरार हो गए।
परिवार के लोग किशोरी को उपचार के लिए बीएचयू ले गए। जहां किशोरी जीवन और मृत्यु के बीच जूझ रही है। घटना की जानकारी चौकी प्रभारी शकर मंडी ने शहर कोतवाल मिथिलेश कुमार मिश्रा को दी।
छात्रा को फोन करके रोज आधा घंटे परेशान करते थे विवि के संविदा शिक्षक
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में पर्यावरण विज्ञान विभाग के संविदा शिक्षक डॉ. सुधीर कुमार उपाध्याय बीएससी ऑनर्स प्रथम वर्ष की छात्रा को रोज आधा घंटे फोन करके परेशान करते थे। छात्रा का आरोप है कि डॉ सुधीर हर दिन रात 7.30 बजे से 8 बजे के बीच फोन करते थे। वीडियो कॉल करने के लिए दबाव डालते थे। कपड़ा निहारते थे। कहते थे कि तुम अच्छी लगती हो।
छात्रा के यौन उत्पीड़न मामले में फंसे पूर्वांचल विवि के संविदा शिक्षक डॉ. सुधीर कुमार उपाध्याय के खिलाफ सराय ख्वाजा थाने की पुलिस ने गत सोमवार को मुकदमा दर्ज कर लिया। शाहगंज की रहने वाली छात्रा का आरोप है कि एक दिन डॉ सुधीर के चैंबर में गई तो आपत्तिजनक बात की और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे।
रूस की एक महिला का हवाला दिया और साथ रहने को कहा। फोन करके अश्लील बातें करने का प्रयास करने लगे। उन्होंने कई बार पूछा कि छात्रा ने क्या पहना हुआ है। जब छात्रा ने बताया कि उसने शॉर्ट्स पहन रखा है तो प्रोफेसर ने वीडियो कॉल करने की जिद की, यह कहते हुए कि वह देखना चाहते हैं कि शॉर्ट्स कौन सा पहन रखा है।
छात्रा की शिकायत और कानूनी कार्रवाई
छात्रा की हिम्मत व अन्य छात्र संगठनों के समर्थन ने मिलकर संविदा शिक्षक डॉ सुधीर कुमार उपाध्याय के खिलाफ कार्रवाई का मार्ग प्रशस्त किया है। छात्राओं के बीच प्रोफेसर का इतना खौफ था कि उनके खिलाफ आवाज उठाना मुश्किल था, लेकिन इस बार मामला पुलिस के पास तक पहुंच गया और एफआईआर दर्ज की गई।
पहले भी लगे आरोप
यह पहला मौका नहीं है, जब संविदा शिक्षक सुधीर कुमार उपाध्याय पर इस प्रकार के गंभीर आरोप लगे हैं। 2020 से लेकर अब तक कई छात्राओं ने उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई हैं। 2020 में प्रोफेसर पर आरोप लगे थे कि वे कक्षाएं सही ढंग से नहीं लेते थे, अन्य शिक्षकों की आलोचना करते और रिश्वत मांगते हैं।
इसी साल, एक और छात्र ने उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था, जिसमें व्हाट्सएप पर अनुचित मेसेज, कॉल और फोटो-वीडियो की मांग करने की बातें सामने आई थीं। 2022 में भी एमएससी की एक छात्रा ने मानसिक उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार की शिकायत की थी। इसमें प्रोफेसर पर अनुचित कॉल और मेसेज भेजकर परेशान करने का आरोप था।
बोले थाना प्रभारी
थाना प्रभारी राजनारायण चौरसिया ने कहा कि छात्रा की शिकायत के आधार पर शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी शिक्षक की पिछली गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। गहनता से छानबीन की जा रही है, ताकि सच सामने आ सके और आरोपी के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके।